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The Constitution of India First Schedule The State Notes

  The Constitution of India First Schedule The State Notes:- First Schedule Articles 1 and 4 The State Part of The Constitution of India Very Important Part of LLB Low Notes Study Material in Hindi and English Language Available.

The Constitution of India Notes

   

पहली अनुसूची (First Schedule)

अनुच्छेद 1 और अनुच्छेद 4] (Articles1 and 4)

राज्य (The State)

नाम राज्यक्षेत्र
नाम 1. आंध्र प्रदेश   । 2[वे राज्यक्षेत्र जो आंध्र राज्य अधिनियम, 1953 की धारा 3 की उपधारा (1) में, राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 3 की उपधारा (1) में, आंध्र प्रदेश और मद्रास (सीमा-परिर्वतन) अधिनियम, 1959 की प्रथम अनुसूची में और आंध्र प्रदेश और मैसूर (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1968 की अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, किंतु वे राज्यक्षेत्र इसके अंर्तगत नहीं हैं जो आंध्र प्रदेश और मद्रास (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1959 की द्वितीय अनुसूची । में [तथा आन्ध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 3 में] विनिर्दिष्ट है  
2. असम   वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रारम्भ से ठीक पहले असम प्रांत, खासी। राज्यों और असम जनजाति क्षेत्रों में समाविष्ट थे, किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं जो असम (सीमा परिर्वतन) अधिनियम, 1951 की अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं [ और वे राज्य क्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं जो नागालैंड राज्य अधिनियम, 1962 की धारा 3 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं ] [और वे राज्यक्षेत्र] भी इसके अंतर्गत नहीं हैं [जो पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 की धारा 5, धारा 6 और धारा 7 में विनिर्दिष्ट हैं] 6[और वे राज्यक्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं, जो संविधान (नवां संशोधन) अधिनियम, 1960 की धारा 3 के खंड (क) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते। हुए भी, जहां तक उसका संबंध संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की दूसरी अनुसूची के भाग 1 में निर्दिष्ट राज्यक्षेत्रों से है, संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की दूसरी अनुसूची के भाग 1 में निर्दिष्ट है] ।
3. बिहार   7[वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रांरभ से ठीक पहले या तो बिहार प्रांत में समाविष्ट थे या इस प्रकार प्रशासित थे मानो वे उस प्रांत के भाग रहे हों और वे राज्य क्षेत्र जो बिहार और उत्तर प्रदेश (सीमा- परिर्वतन) अधिनियम, 1968 की धारा 3 की उपधारा (1) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट हैं किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं जो बिहार और पश्चिमी बंगाल (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1956 की धारा ३ को उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं और वे राज्यक्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं जो प्रथम वर्णित अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1) के खंड (ख) में विनिर्दिष्ट हैं 8[ और वे राज्यक्षेत्र जो बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट हैं।]
  1. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 1956 की धारा 2 द्वारा (1-11-1956 से) पहली अनुसूची के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
2 आंध्र प्रदेश और मैसूर (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1968 (1968 का 36) की धारा 4 द्वारा (1-10-1968 से) पूर्ववर्ती प्रविष्टि के स्थान पर प्रतिस्थापित ।।
  1. आन्ध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 (2014 का 6) की धारा 10 द्वारा (2-6-2014 से) अंत:स्थापित।
  2. नागालैंड राज्य अधिनियम, 1962 (1962 का 27) की धारा 4 द्वारा (1-12-1963 से) जोड़ा गया।
  3. पूर्वोतर-क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 9 द्वारा (21-1-1972 से) जोड़ा गया।
  4. । संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की धारा 3 द्वारा (31-7-2015 से) जोड़ा गया।
  5. बिहार और उत्तर प्रदेश (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1968 (1968 का 24) की धारा 4 द्वारा (10-6-1970 से) पूर्ववता प्रविष्टि के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  6. बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (2000 का 30) की धारा 5 द्वारा (15-11-2000 से) जोड़ा गया।

नाम राज्यक्षेत्र
5. केरल वे राज्यक्षेत्र जो मुंबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 की धारा 3 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट हैं।] वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 की धारा 5 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं।
6. मध्य प्रदेश वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 9 की उपधारा (1) में 2[तथा राजस्थान और मध्य प्रदेश (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1959 की प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं] [किन्तु इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र नहीं हैं]।
4[7. तमिलनाडु वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रांरभ से ठीक पहले या तो मद्रास प्रांत में समाविष्ट थे या इस प्रकार प्रशासित थे मानो वे उस प्रांत के भाग रहे हों। और वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 4 में। [तथा आंध्र प्रदेश और मद्रास (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1959 की द्वितीय अनुसूची में] विनिर्दिष्ट हैं, किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं जो आंध्र राज्य अधिनियम, 1953 की धारा 3 की उपधारा (1) और। धारा 4 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं और 6[वे राज्यक्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 5 की। उपधारा (1) के खंड (ख), धारा 6 और धारा 7 की उपधारा (1) के खंड (घ) में विनिर्दिष्ट हैं और वे राज्यक्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं जो आंध्र प्रदेश और मद्रास (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1959 की प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं]।।
7[8. महाराष्ट्र वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 8 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं, किंतु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं जो मुंबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 की धारा 3 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट हैं।] वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 7 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट है,
8[[9.] कर्नाटक]
  1. मुंबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (1960 का 11) की धारा 4 द्वारा (1-5-1960 से) प्रविष्टि 4 के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  2. राजस्थान और मध्य प्रदेश (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1959 (1959 का 47) की धारा 4 द्वारा (1-10-1959 से) अंत:स्थापित।
  3. मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (2000 का 28) की धारा 5 द्वारा (1-11-2000 से) जोड़ा गया।
  4. मद्रास राज्य (नाम-परिवर्तन) अधिनियम, 1968 (1968 का 53) की धारा 5 द्वारा (14-1-1969 से) 7. मद्रास” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  5. आंध्र प्रदेश और मद्रास (सीमा परिवर्तन) अधिनियम, 1959 (1959 का 56) की धारा 6 द्वारा (1-4-1960 से) अंत: स्थापित ।।
  6. आंध्र प्रदेश और मद्रास (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1959 (1959 का 56) की धारा 6 द्वारा (1-4-1960 से) कुछ। शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
  7. मुंबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (1960 का 11) की धारा 4 द्वारा (1-5-1960 से) अंत:स्थापित।
  8. मुबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (1960 का 11) की धारा 4 द्वारा (1-5-1960) से प्रविष्टि 8 से 14 को प्रविष्टि 9 से 15 के रूप में पुन:संख्यांकित किया गया।
  9. मैसूर राज्य (नाम-परिवर्तन) अधिनियम, 1973 (1973 का 31) की धारा 5 द्वारा (1-11-1973 से) 9. मैसूर” के स्थान पर प्रतिस्थापित।
  10. आंध्र प्रदेश और मैसूर (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1968 (1968 का 36) की धारा 4 द्वारा (1-10-1968 से) अंत: स्थापित।

नाम राज्यक्षेत्र
1[10.]  [ओडिशा] वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रारम्भ से ठीक पहले या तो ओडिशा प्रांत में समाविष्ट थे या इस प्रकार प्रशासित थे मानो वे उस प्रांत के भाग। रहे हों।
1[11.] पंजाब   वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 11 में विनिर्दिष्ट हैं [ और वे राज्यक्षेत्र जो अर्जित राज्यक्षेत्र (विलयन) अधिनियम, 1960 की प्रथम अनुसूची के भाग 2 में निर्दिष्ट हैं,] [किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं जो संविधान (नवां संशोधन) अधिनियम, 1960 की पहली अनुसूची के भाग 2 में निर्दिष्ट हैं] [और वे राज्यक्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं जो पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 3 की उपधारा (1), धारा 4 और धारा 5 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं]।।
1[12.] राजस्थान   वे राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 10 में विनिर्दिष्ट हैं, 6[किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं है जो राजस्थान और मध्य प्रदेश (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1959 की प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं] ।
[13.] उत्तर प्रदेश   7[वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रांरभ से ठीक पहले या तो संयुक्त प्रांत नाम से ज्ञात प्रांत में समाविष्ट थे या इस प्रकार प्रशासित थे मानो वे उस प्रांत के भाग रहे हों, वे राज्यक्षेत्र जो बिहार और उत्तर प्रदेश (सीमापरिवर्तन) अधिनियम, 1968 की धारा 3 की उपधारा (1) के खंड (ख) में विनिर्दिष्ट हैं और वे राज्यक्षेत्र जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश (सीमा परिवर्तन) अधिनियम, 1979 की धारा 4 की उपधारा (1) के खंड (ख) में विनिर्दिष्ट हैं, किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं है जो बिहार और उत्तर प्रदेश (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1968 की धारा 3 की उपधारा (1) के खंड (क) 8[तथा उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 3] में विनिर्दिष्ट हैं और वे राज्यक्षेत्र भी इसके अंतर्गत नहीं हैं जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1979 की धारा 4 की उपधारा (1) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट हैं।]
1[14.] पश्चिमी बंगाल वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले या तो पश्चिमी बंगाल प्रांत में समाविष्ट थे या इस प्रकार प्रशासित थे मानो वे उस प्रांत के भाग रहे हों और चंद्रनगर (विलयन) अधिनियम, 1954 की धारा 2 के खंड (ग) से यथा परिभाषित चंद्रनगर का राज्यक्षेत्र और वे राज्यक्षेत्र भी जो बिहार और पश्चिमी बंगाल (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1960 की धारा 3 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं और वे राज्यक्षेत्र
  1. मुंबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (1960 का 11) की धारा 4 द्वारा (1-5-1960) से प्रविष्टि 8 से 14 को प्रविष्टि 9 से 15 के रूप में पुन:संख्यांकित किया गया।
  2. उड़ीसा (नाम का परिवर्तन) अधिनियम, 2011 (2011 का 15) की धारा 6 द्वारा ‘उड़ीसा” के स्थान पर (1-11-2011 से) प्रतिस्थापित।।
  3. अर्जित राज्यक्षेत्र (विलयन) अधिनियम, 1960 (1960 का 64) की धारा 4 द्वारा (17-1-1961 से) अंत:स्थापित ।
  4. संविधान (नवां संशोधन) अधिनियम, 1960 की धारा 3 द्वारा (17-1-1961 से) जोड़ा गया।
  5. पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 (1966 का 31) की धारा 7 द्वारा (1-11-1966 से) अंत:स्थापित।
  6. राजस्थान और मध्य प्रदेश (राज्यक्षेत्र अंतरण) अधिनियम, 1959 (1959 का 47) की धारा 4 द्वारा (1-10-1959 से) अंत:स्थापित। ।
  7. हरियाणा और उत्तर प्रदेश (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1979 (1979 का 31) की धारा 5 द्वारा (15-9-1983 से) “13. उत्तर प्रदेश” के सामने की प्रविष्टि के स्थान पर प्रतिस्थापित।।
  8. उ० प्र० पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (2000 का 29) की धारा 5 द्वारा (9-11-2000 से) अंत:स्थापित।।
  9. संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की धारा 3 द्वारा (31-7-2015 से) जोड़ा गया।
नाम राज्यक्षेत्र
भी, जो पहली अनुसूची के भाग 3 में निर्दिष्ट हैं, किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं, जो संविधान (नवां संशोधन) अधिनियम, 1960 की । धारा 3 के खंड (ग) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां तक उसका संबंध संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की पहली अनुसूची के भाग 3 में निर्दिष्ट राज्यक्षेत्रों और दूसरी अनुसूची के भाग 3 में निर्दिष्ट राज्यक्षेत्रों से है, संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की दूसरी अनुसूची के भाग 3 में निर्दिष्ट हैं] ।
. ‘[15.] जम्मू-कश्मीर वह राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रांरभ से ठीक पहले जम्मू-कश्मीर देशी राज्य में समाविष्ट था।
2[16. नागालैण्ड वे राज्यक्षेत्र जो नागालैण्ड राज्य अधिनियम, 1962 की धारा 3 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं।]
3[17. हरियाणा 4[वे राज्यक्षेत्र जो पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 3 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं और वे राज्यक्षेत्र जो हरियाणा और उत्तर प्रदेश (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1979 की धारा 4 की उपधारा (1) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट हैं, किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं है। जो उस अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1) के खंड (ख) में विनिर्दिष्ट हैं] ।]
[18. हिमाचल प्रदेश वे राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले इस प्रकार प्रशासित थे मानो वे हिमाचल प्रदेश और बिलासपुर के नाम से ज्ञात मुख्य आयुक्त वाले प्रांत रहे हों और वे राज्यक्षेत्र जो पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 5 की उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट हैं ।]
6[19. मणिपुर वह राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले इस प्रकार प्रशासित था मानो वह मणिपुर के नाम से ज्ञात मुख्य आयुक्त वाला प्रांत रहा हो।
20. त्रिपुरा वह राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले इस प्रकार प्रशासित था मानो वह त्रिपुरा के नाम से ज्ञात मुख्य आयुक्त वाला प्रांत रहा हो 7[और वे राज्यक्षेत्र जो संविधान (नवां संशोधन) अधिनियम, 1960 की धारा 3 के खंड (घ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी जहां तक उनका संबंध संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की पहली अनुसूची के भाग 2 में निर्दिष्ट राज्यक्षेत्रों से है, संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की पहली अनुसूची के भाग 2 में निर्दिष्ट हैं]।।
  1. मुंबई पुनर्गठन अधिनियम, 1960 (1960 का 11) की धारा 4 द्वारा (1-5-1960) से प्रविष्टि 8 से 14 को प्रविष्टि 9 से 15 के रूप में पुन:संख्यांकित किया गया।
  2. नागालैंड राज्य अधिनियम, 1962 (1962 का 27) की धारा 4 द्वारा (1-12-1963 से) अंत:स्थापित।
  3. पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 (1966 का 31) की धारा 7 द्वारा (1-11-1966 से) अंत:स्थापित ।।
  4. हरियाणा और उत्तर प्रदेश (सीमा-परिवर्तन) अधिनियम, 1979 (1979 का 31) की धारा 5 द्वारा (15-9-1983 से) 17. हरियाणा” के सामने की प्रविष्टि के स्थान पर प्रतिस्थापित।।
  5. हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1970 (1970 का 53) की धारा 4 द्वारा (25-1-1971 से) अंत:स्थापित ।
  6. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा 9 द्वारा (21-1-1972 से) प्रविष्टि 19 से 21 अंत: स्थापित।।
  7. संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की धारा 3 द्वारा (31-7-2015 से) जोड़ा गया।
नाम राज्यक्षेत्र
21. मेघालय वे राज्यक्षेत्र जो पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 की धारा 5 में विनिर्दिष्ट हैं] 1[और वे राज्यक्षेत्र, जो पहली अनुसूची के भाग 1 में निर्दिष्ट हैं, किन्तु वे राज्यक्षेत्र इसके अंतर्गत नहीं हैं, जो संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की दूसरी अनुसूची के भाग 2 में। निर्दिष्ट हैं]।
2[22. सिक्किम वे राज्यक्षेत्र जो संविधान (छत्तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 के प्रारंभ से ठीक पहले सिक्किम में समाविष्ट थे।]
3[23. मिजोरम वे राज्यक्षेत्र जो पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 की धारा 6 में विनिर्दिष्ट हैं।]
4[24. अरुणाचल प्रदेश वे राज्यक्षेत्र जो पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 की धारा 7 में विनिर्दिष्ट हैं।
5[25. गोवा वे राज्यक्षेत्र जो गोवा, दमण और दीव (पुनर्गठन) अधिनियम, 1987 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट हैं।]
6[26. छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र।]
7[27. 8[उत्तराखण्ड] वे राज्यक्षेत्र जो उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट हैं।]
[28. झारखण्ड   वे राज्यक्षेत्र जो बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट हैं।]
10[29. तेलंगाना वे राज्यक्षेत्र, जो आन्ध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 3 में विनिर्दिष्ट हैं।]
  1. संघ राज्यक्षेत्र
 
नाम विस्तार
1. दिल्ली   वह राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रांरभ से ठीक पहले दिल्ली के मुख्य आयुक्त वाले प्रांत में समाविष्ट था।
12[* * *]  
 
  1. संविधान (एक सौवां संशोधन) अधिनियम, 2015 की धारा 3 द्वारा (31-7-2015 से) जोड़ा गया।
  2. संविधान (छत्तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 की धारा 2 द्वारा (26-4-1975 से) अंत:स्थापित ।
  3. मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 34) की धारा 4 द्वारा (20-2-1987 से) अंत:स्थापित।।
  4. अरुणाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1986 (1986 का 69) की धारा 4 द्वारा (20-2-1987 से) अंत:स्थापित ।।
  5. गोवा, दमण और दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 (1987 का 18) की धारा 5 द्वारा (30-5-1987 से) अंत:स्थापित ।।
  6. म० प्र० पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (2000 का 28) की धारा 5 द्वारा (1-11-2000 से) अंत:स्थापित।।
  7. उ० प्र० पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (2000 का 29) की धारा 5 द्वारा (9-11-2000 से) अंत:स्थापित।।
  8. उत्तरांचल (नाम परिवर्तन) अधिनियम, 2006 (2006 का 52) की धारा 4 द्वारा (1-1-2007 से) उत्तरांचल” शब्द के स्थान पर प्रतिस्थापित ।।
  9. बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (2000 का 30) की धारा 5 द्वारा (15-11-2000 से) अंत:स्थापित।।
  10. आन्ध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 (2014 का 6) की धारा 10 द्वारा (2-6-2014 से) त:स्थापित।।
  11. हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1970 (1970 का 53) की धारा 4 द्वारा (25-1-1971 से) “हिमाचल प्रदेश” से। संबंधित प्रविष्टि 2 का लोप किया गया।
  12. पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971 (1971 का 81) की धारा १ द्वारा (21-1-1972 से) मणिपुर और त्रिपुरा से संबंधित प्रविष्टियों का लोप किया गया।

नाम विस्तार
(2). अंदमान और निकोबार द्वीप वह राज्यक्षेत्र जो इस संविधान के प्रांरभ से ठीक पहले अंदमान और। समूब निकोबार द्वीप के मुख्य आयुक्त वाले प्रांत में समाविष्ट था।
[3.] [लक्षद्वीप] वह राज्यक्षेत्र जो राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 की धारा 6 में विनिर्दिष्ट है।
[[4.] दादरा और नागर हवेली वह राज्यक्षेत्र जो 11 अगस्त, 1961 से ठीक पहले स्वतंत्र दादरा और नागर हवेली में समाविष्ट था।]
4[[5.] दमण और दीव वे राज्यक्षेत्र जो गोवा, दमण और दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 की धारा 4 में विनिर्दिष्ट है।]
[[6.] 6[पुडुचेरी] वे राज्यक्षेत्र जो 16 अगस्त, 1962 से ठीक पहले भारत में पांडिचेरी, कारिकल, माही और यनम के नाम से ज्ञात फ्रांसीसी बस्तियों में समाविष्ट थे
7[[7.] चंडीगढ़ वे राज्यक्षेत्र जो पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 की धारा 4 में विनिर्दिष्ट हैं।]
8[* * *] । [* * *]

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