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NIELIT DOEACC CCC Classifications of Computers Study Material

  NIELIT DOEACC CCC Classifications of Computers Study Material:- In today’s post of NIELIT DOEACC CCC Study Material in Hindi, we are going to tell you in the Samples of Classes of Computers. Will be helpful. In the post of CCC Study Material, we have given you CCC Examples of CCC Types of Computers on the Bassis of Hardware Design Notes Study Material Question, which is very important. In this post, you will find CCC Study Material for Digital Computer, Hybrid Computer, Types of Computers on the basis Method of Use, Laptop Hand Held Computer, Tablet, Design, Processor, Camera, Cover, HDMI Port, etc. Keeping it in Hindi, please read it carefully. DOEACC NIELIT CCC Question Answer, Model Paper, Sample Paper, Practice Set, Notes Question Paper in Hindi.

कंप्यूटर का वर्गीकरण Classifications of Computers (CCC Study Material Notes in Hindi)

Computer एक अति आधुनिक मशीन है | जीवन के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में इसका उपयोग हो रहा है | सभी Computers की मूल Designs समान होने के बाद भी अपने उद्देश्यो और क्षमता के अनुसार Computer अनेक पराक्र के होते है | हम मुख्यतः दो आधारों पर Computers का वर्गीकरण Classification) करते है |
  • हार्डवेयर डिजाईन के आधार पर |
  • उपयोग की विधि के आधार पर |

हार्डवेयर डिजाईन के आधार पर Computers के भेद Types of Computers on the Basis of Hardware Designs (CCC Notes in Hindi)

हार्डवेयर के डिजाईन के आधार पर कंप्यूटर तीन प्रकार के होते है- 1. एनालोग (Analog) 2. डिजिटल (Digital) 3. हाइब्रिड (Hybrid) 1. एनालोग कंप्यूटर Analog Computer के बजाए कोई गुणवाचक सुचना (qualitative information) लेते है और आउटपुट भी गुणवाचक ही प्रदान करते है | इसे समझने के लिए अपने घर के फ्रिज या टी०वी० के साथ लगे स्टेबलाइजर पर ध्यान दीजिये | इसमें ल्गाहुआ मीटर या संकेतक हमे यह बताता है की इनपुट के रूप में बोल्टेज कितना है और आउटपुट कितना आ रहा है | वोल्टेज का उतार-चढ़ाव उसकी सुई (या संकेतक) के घुमने से पता चलता है, जिसे-ठीक-ठाक संख्याओ में भी बदला जा सकता है | एनालोग कंप्यूटर भी इनपुट (input) के रूप में ऐसी ही चीजे ग्रहण करता है, जिन्हें लगातार नापा जा सके, जैसे तापमान, दबाव (pressure), आयतन (volume), बोल्टेज, प्रतिरोध (resistance), गति, त्वरण (acceleration), वजन आदि | दुसरे शब्दों में, एनालोग कंप्यूटर में इनपुट लगातार सी०पी०यू० में जाता रहता है, जहाँ उसके उपर कुछ क्रियाएँ की जाती है और आउटपुट (output) में ऐसा ही कुछ लगातार आता रहता है | ऐसे Computers का उपयोग मुख्यतः शोध और उतपादन के क्षेत्रो में होता है, अत: ये कम संख्या में पाए जाते है |

Analog Computer

CCC Analog Computer Study Material

CCC Analog Computer Study Material

2. डिजिटल कंप्यूटर Digital Computer आजकल ऐसे ही कंप्यूटर बहुलता से पाए जाते है | ये इनपुट के रूप में संख्याएँ या आंकड़े लेते है, जहाँ उन पर अंकगणितीय क्रियाएँ की जाती है तथा आउटपुट के रूप में ये हमे आंकड़े ही प्रदान करते है | कहने का तात्पर्य है की इनके लिए पत्येक सुचना को अंको में बदला जा सकता है, इस कार्न इनकी शुद्धता भी अधिक होती है | क्योकि एक ही Computer का प्रयोग वैज्ञानिक तथा व्यापारिक सभी तरह के कार्यो में किया जाता है | इनकी उपयोगिता भी बहुत होती है, क्योकि एक ही Computer पर सभी तरह के कार्य किये जा सकते है | इसलिए आजकल अधिकतर स्थानों पर डिजिटल Computer ही पाए जाते है |

Digital Computer

DOEACC CCC Digital Computer Study Material in Hindi

DOEACC CCC Digital Computer Study Material in Hindi

3. हाइब्रिड कंप्यूटर Hybrid Computer ये कंप्यूटर एनालोग तथा डिजिटल दोनों प्रकार के Computers के मिले जुले (या संकर) रूप में होते है | इनमे इनपुट के रूप में प्राप्त होने वाली कोई भी सुचना लगातार आँकड़ो में बदलकर दिखाई जाती रहती है तथा आउटपुट भी एनालोग के साथ-साथ अंकीय (digital) भी होता है | ऐसे कंप्यूटर का उपयोग कारखानों, मशीनों आदि में बड़ी संख्या में किया जाता है, लेकिन उपयोगिता में ये अंकीय Computers का मुकाबला नही कर सकते | चित्र में दर्शाया गया है |

Hybrid Computer

NIELIT Hybrid Computer Study Material in Hindi

NIELIT Hybrid Computer Study Material in Hindi

उपयोग की विधि के आधार पर कंप्यूटर के भेद Types of Computers on the Basis of Method of Use (CCC Sample Model Paper in Hindi)

आकर तथा क्षमता के आधार पर Computers को मुख्यतः चार वर्गो में बाँटा जाता था | चार वर्ग माइक्रो कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर, मेनफ्रेम कंप्यूटर व सुपर कंप्यूटर थे | यधपि ये वर्गीकरण अब तेजी से बदलती हुई प्रौधोगिकी के जमाने में प्रासंगिक नही है | अब पत्येक माह कंप्यूटर के नये मॉडल प्रस्तुत किये जाते है जोकि पिछले मॉडल से क्षमता में अधिक व लागत में कम होते है | एक छोटा सिस्टम कुछ वर्षो पहले के बड़े सिस्टम से लागत व कार्य क्षमता में आगे हो सकता है | अत: आजकल के Computers को उपयोग की विधि के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है | इस प्रकार के वर्गीकरण की विधि के आधार पर Computers को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है |

1. लैपटॉप 2. हैण्ड हेल्ड कंप्यूटर 3. पर्सनल कंप्यूटर 4. वर्कस्टेशन 5. मेनफ्रेम कंप्यूटर 6. क्लाइंट व सर्वर कंप्यूटर 7. सुपर कंप्यूटर 1. लैपटॉप Laptop हाल के वर्षो में नये तकनीकी विकास ने माइक्रो Computers का आकार इतना कम दिया है की उन्हें आसानी से इधर-उधर लाया जा सकता है और साधारण व्यक्ति भी उनको खरीदकर उपयोग में ला सकता है | ऐसे Computers को लैपटॉप कंप्यूटर कहा जाता है | इनका आकार एक बड़ी किताब के बराबर होता है और वजन 3 से 5 कीग्रा तक होता है | इनमे बिजली की सप्लाई एक बैटरी के द्वारा की जाती है, जिसको साधारण घरेलू बिजली द्वारा रिचार्ज किया जा सकता है | लैपटॉप Computers को कभी-कभी नोटबुक कंप्यूटर (notebook computer) भी कहा जाता है | आजकल पुराने समय के मिनी तथा मेनफ्रेम Computers की संख्या गिनी-चुनी रह गयी है | इनके स्थान पर प्राय: कई माइक्रो Computers के ऐसे समूह का उपयोग किया जाता है, जो सामान्यतया स्वतन्त्र रूप से कार्य करते है, लेकिन आपस में जुड़े रहकर एक नेटवर्क का निर्माण करते है | इन Computers में से सर्वाधिक क्षमता वाले कंप्यूटर को सर्वर बना लिया जाता है तथा शेष सभी को क्लाइंट या नोड कहा जाता है | सर्वर और क्लाइंट आपस में एक हब के माध्यम से जुड़े रहते है | इस प्रकार नेटवर्क बनाने से किसी भी कंप्यूटर में जुड़े साधनों का नेटवर्क के अन्य सभी Computers के साथ साझा करना सम्भव हो जाता है |

Laptop

CCC Laptop Study Material in Hindi

CCC Laptop Study Material in Hindi

2. हैंड हेल्ड कंप्यूटर Hand Held Computer हैंड हेल्ड कंप्यूटर एक छोटी कंप्यूटिंग डिवाइस है जोकि हाथ में रखकर ही प्रयोग में लायी जा सकती है | यह स्वाभाविक है की इनका आकार, भार व डिजाईन इस प्रकार से होता है की यूजर आसानी से इन्हें प्रोयग में ला सके | इसको हम पामटॉप भी कहते है क्योकि इसका प्रयोग हम हथेली (palm) पर रखकर भी कर सकते है | ये निम्न प्रकार के होते है | A. टैबलेट B. PDA C. स्मार्टफ़ोन A.टैबलेट Tablet टैबलेट PC या टैबलेट, मध्यम आकार का मोबाइल कंप्यूटर होता है, जो एक फ़्लैट टचस्क्रीन में इंटिग्रेटेड होता है और प्रमुख रूप से स्टाइल्स, डिजिटल पेन या फिंगरटिप इनपुट का प्रयोग करता है | इसके साथ इसमें फिजिकल की-बोर्ड की जगह एक वर्चुअल ऑन स्क्रीन की-बोर्ड भी होता है | यह एक टच-पैड डिवाइस है जो स्मार्टफोन और लैपटॉप दोनों की विशेषताओ और गुणों को कंबाइन करती है | चित्र में दर्शाया गया है | टैबलेट PCs में इन्टरनेट और लोकल नेटवर्क कनेक्शन के लिए एक वायरलैस एडैप्टर होता है | टैबलेट PCs के लिए सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन्स में ऑफिस सुइट्स, वेबब्राजर्स, गेम्स और कई तरह के एप्लीकेशन शामिल होते है | लेकिन, चूँकि पोर्टेबल कंप्यूटर हार्डवेयर कॉम्पोनेन्ट कम पावर के होते है अत: वो PC एप्लीकेशन जिनमे अधिक समय तक कार्य की जरूरत होती है, यूजर के लिए अच्छा अनुभव प्रदान नही कर सकते है |एप्पल Computers ने एक बेहतर सेकण्ड जनरेशन टैबलेट i pad 2 को लौंच किया है जो एक अपेक्षाकृत पतले शेल में अधिक पावर को सहेज कर रखता है | इसके नये फीचर्स में शामिल है

Tablet

DOEACC CCC Tablet Study Material in Hindi

DOEACC CCC Tablet Study Material in Hindi

(a) डिजाईन Design ipad 2 इसके पिछले मॉडल की अपेक्षा 33% पतला और 15% हल्का होता है | (b) प्रोसेसर Processor ड्यूल कोर A5- जो दोगुना तेज होने का दावा करता है, जिसमे मूल ipad की अपेक्षा ग्राफिक्स का प्रदर्शन नौगुना बेहतर होता है | (c) कैमरा Camera वीडियो चैट के लिए फ्रंट-फेसिंग VGA कैमरा होता है | HD वीडियो और पिचर्स लेने के लिए रीयर-फेसिंग कैमरा होता है | (d) कवर Cover मैग्नेटिक रूप से अटैच होता है, स्टैण्ड की तरह डबल हो जाता है जिससे ipad ko सीधा खड़ा करके इसमें कुछ भी देखा या टाइप किया जा सकता है | (e) एचडीएमआई HDMI port यह यूजर को HDTV स्क्रीन पर ipad को मिरर की तरह से देखने की सुविधा देता है | अत्याधुनिक 10″ का टैबलेट PC जो Dixon Retail Plc ने बनाया है, Android 2.2 रन करता है, इसमें 1GHzNVIDIA Tegra चिपसेट होता है, 512 MB RAM और ROM होती है, 1.3 MP Camera होता है, WiFi b/8 कनेक्टिविटी होती है, ब्लूटूथ 2.1, एक माइक्रो SD कार्ड स्लॉट, एक USB पोर्ट और एक 16ह बैटरी लाइफ ऑडियो प्लेबैक और 6.5 h 1080 p वीडियो होता है | Motorola के xoom टैबलेट में 10 इंच का टैबलेट जिसमे Android 3.0 हनीकोम्ब रन करता है | सैमसंग का गैलेक्सी टैब 10.1 और 1280×800 रिजोल्यूशन के साथ आता है जो ब्लैकबेरी के टैबलेट OS पर चलता है |

(ii) पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट्स Personal Digital Assistants; (CCC Study Material 2018 in Hindi)

PDA पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट्स (PDAs) एक हैंड हेल्ड कंप्यूटर है और इसे ज्यादातर लोग पोमटोप (palmtop) के नाम से जानते है | इसमें एक टच स्क्रीन होती है और डाटा स्टोरेज के लिए एक मैमोरी कार्ड होता है चित्र में दर्शाया गया है, PDAs का प्रयोग प्रभावी ढंग से पोर्टेबल ऑडियो प्लेयर्स, वेब ब्राउजर्स और स्मार्ट फ़ोन्स के रूप में भी किया जा सकता है | इनमे से अधिकांश इन्टरनेट का ऐक्सेस ब्लूटूथ या वाई-फाई कम्युनिकेशन द्वारा करते है |

PDA

PDA CCC Study Material In Hindi

PDA CCC Study Material In Hindi

(iii) स्मार्टफोन Smartphone (CCC Sample Paper in Hindi)

स्मार्टफोन एक मोबाईल फोन की तरह से होता है जिसमे कंप्यूटर जैसा कार्य करने की क्षमता भी होती है | PDA और स्मार्टफोन के बीच में मुख्य अंतर यह है की PDA ऑप्शनल फोन की सुविधाओ को रखने वाला एक कम्प्यूटिंग प्लेटफार्म होता है जबकि स्मार्टफोन एक सेल फोन की सुविधा प्रदान करने वाली डिवाइस है जिसमे कुछ PDA जैसी सुविधाएँ होती है | संक्षेप में हम कह सकते है की स्मार्टफोन वाइस सेंट्रिक होता है जबकि PDA डाटा सेंट्रिक होता है | सामन्यत: स्मार्टफोन PDA से साइज में छोटा होता है | यूजर स्मार्टफोन को प्राय: एक हाथ से प्रयोग में लाता है जबकि PDA को प्रयोग में लाने के लिए दोनों हाथो की आवश्यकता होती है |

Smartphone

Smartphone CCC Study Material in Hindi

Smartphone CCC Study Material in Hindi

3. पर्सनल कंप्यूटर/पीसी Personal Computer/PC (CCC Notes 2018 in Hindi)

एक पीसी एक ननपोर्टेबल, जनरल पर्पस कंप्यूटर होता है जोकि ऑफिस की सामन्य आकर की टेबल पर फिट होता है | इसे एक व्यक्ति एक समय में प्रयोग में ला सकता है | जैसा की नाम से प्रतीत होता है किसी पीसी को पर्सनल कम्प्यूटिंग की आवश्यकताओ के लिए घर या ऑफिस में प्रयोग में लाया जा जाता है | सामन्यत: पीसी सभी जगहों पर पाए जाते है और इनको ऑफिस के कार्य क्षेत्र, कक्षाओ, घरो, अस्पतालों, दुकानों व क्लीनिको में प्रयोग में लाया जा सकता है | एक पीसी में कुछ चिप होती है; जैसे-CPU चिप, RAM चिप, ROM चिप, 1/0 Handling चिप आदि | इनको मेन सर्किट बोर्ड में असेम्बल किया जाता है जिसे हम सिस्टम बोर्ड या मदरबोर्ड भी कहते है | मदरबोर्ड वह वस्तु है जो एक पीसी को दुसरे पीसी से अलग प्रकार का बनाती है | कभी-कभी हम माइक्रोप्रोसेसर चिप के आधार पर भी Computers में अंतर को देखते है | इस चिप को CPU भी कहा जाता है | इन Computers को माइक्रो Computers भी कहा जाता है |

Personal Computer/PC

CCC Personal Computer PC Study Material in Hindi

CCC Personal Computer PC Study Material in Hindi

पर्सनल कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएं निम्न प्रकार है-

(a) पर्सनल कंप्यूटर सबसे अधिक प्रयोग में आने वाला कंप्यूटर है | (b) पर्सनल कंप्यूटर उपयोगकर्ता के लिए मित्रवत (user-friendly) होते है | ये सस्ते और उपयोग करने में आसान होते है | (c) इनमे भण्डारण की क्षमता कम लेकिन पर्याप्त होती है | (d) सामन्यत: पर्सनल कंप्यूटर को UPS के साथ प्रयोग में लाया जाता है |

4. वर्कस्टेशन Workstation (Doeacc CCC Study Material in Hindi 2018)

वर्कस्टेशन एक शक्तिशाली डेस्कटॉप कंप्यूटर होता है जोकि इंजीनियर्स, आर्किटेक्चर व दुसरे प्रोफेशनल्स की कम्प्यूटिंग आवश्यकताओ को पूरा करता है | सामान्यत: इन व्यक्तियों को ज्यादा प्रोसेसिंग पावर, बड़ी स्टोरेज व ज्यादा अच्छे ग्राफिक डिस्प्ले की आवश्यकता होती है | उदाहरण के लिए यूजर वर्कस्टेशन को कंप्यूटर एडिड डिजाईन (CAD), जटिल साइंटिफिक व इंजीनियरिंग प्रॉब्लम्स का सिम्युलेशन, सिम्युलेशन के परिणाम देखना, (मल्टीमीडिया एप्लीकेशन जैसे कार्यो के लिए प्रयोग में लाते है | एक वर्कस्टेशन हाई एण्ड पीसी के जैसा होता है और एक व्यक्ति एक समय में इसे प्रयोग में ला सकता है | हम पीसी और वर्कस्टेशन के बीच अंतर निम्न तथ्यों के द्वारा स्पष्ट कर सकते है |

Workstation PC

DOEACC CCC Workstation PC Study Material in Hindi

DOEACC CCC Workstation PC Study Material in Hindi

(a) प्रोसेसिंग पावर एक वर्कस्टेशन की प्रोसेसिंग पावर एक एवरेज पीसी से ज्यादा होती है | (b) स्टोरेज क्षमता वर्कस्टेशन की मेन मेमोरी ज्यादा बड़ी होती है | वर्कस्टेशन की हार्ड डिस्क क्षमता पीसी की तुलना में अधिक होती है | (c) डिस्प्ले सुविधा ज्यादातर वर्कस्टेशन में एक बड़ा स्क्रीन मोनिटर होता है | ये हाई रिजोल्यूशन ग्राफिक्स दिखा सकता है | (d) प्रोसेसर डिजाईन पीसी CISC टेक्नोलॉजी पर आधारित CPU का प्रयोग करते है जबकि वर्कस्टेशन RISC टेक्नोलॉजी पर आधारित CPU का प्रयोग करते है |

5. ,मेनफ्रेम कंप्यूटर Mainframe Computer (CCC Model Paper in Hindi)

ये आकर में मिनी कंप्यूटर से काफी बड़े और क्षमता में भी बहुत अधिक होते है | इनकी मुख्य मेमोरी का आकर 256 मेगाबाइट से लेकर 2 गीगाबाइट तक होता है इन पर एकसाथ सैकड़ो व्यक्ति कार्य कर सकते है | इन Computers के लिए एयरकंडीशनिंग करना अनिवार्य होता है, ताकि तापमान 20०C तक बना रहे | इनमे ऑन-लाइन डाटा स्टोरेज की विशेष सुविधा होती है | इन Computers का मूल्य बहुत अधिक होता है | मेनफ्रेम Computers का उपयोग एयरलाईनो में तिक्त बुकिंग, प्रसारण, विज्ञापन, विक्रय, केंद्रीकृत वेतन-गणना प्रणाली, उत्पादन नियोजन एवं नियन्त्रण आदि महत्त्वपूर्ण कार्यो में किया जाता है |

Mainframe Computer

CCC Mainframe Computer Study Material in Hindi

CCC Mainframe Computer Study Material in Hindi

मेनप्रेम Computers की मुख्य विशेषताएँ निम्न प्रकार

(i) ये धुल, तापमान आदि के मामले में बहुत संवेदनशील होते है | (ii) इनके साथ अनेक प्रकार के बाह्य साधन जोड़े जा सकते है | (iii) इनमे भण्डारण क्षमता बहुत अधिक होती है | (iv) इनमे अनेक प्रकार के सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जा सकता है |

6. क्लाइंट व सर्वर कंप्यूटर्स Client and Server Computers (NIELIET CCC Study Material in Hindi)

नेट्वर्क की बढ़ती प्रसिद्धित से ये सम्भव है की हम कुछ Computers को एक दुसरे से जोड़ सकें | इस प्रकार हम एक नेटवर्क बना लेते है जोकी प्रत्येक कंप्यूटर से अन्य Computers में संचार स्थापित कर देता है | इस प्रकार के कम्प्यूटिंग वातावरण में बहुत से यूजर्स कुछ रिसोर्सेज व सेवाओ को कम लागत पर शेयर कर सकते है | कुछ रिसोर्सेज/सेवाओ के उदाहरण निम्नलिखित है- (i) फ़ाइल सर्वर ये केंद्रीयकृत रूप से नेटवर्क पर कुछ यूजर्स के लिए फाइल्स को स्टोर करने की सुविधा प्रदान करता है | (ii) डाटाबेस सर्वर ये केंद्रीयकृत डाटाबेस को मैनेज करता है और कुछ यूजर्स को किसी एक ही डेटाबेस में शेयर्ड ऐक्सेस की सुविधा प्रदान करता है | (iii) प्रिंट सर्वर ये एक या एक से ज्यादा प्रिंटर्स को मैनेज करता है और किसी भी यूजर्स की प्रिंट रिक्वेस्ट की एक्सेप्ट व प्रोसेस करता है | (iv) नेम सर्वर ये नेम को नेटवर्क एड्र्स में बदलता है | जिससे नेटवर्क में Computers एक-दुसरे कम्युनिकेट कर सकते है |
CCC Client and Server Computers Study Material in Hindi

CCC Client and Server Computers Study Material in Hindi

इस स्थिति में एक प्रोसेस होता है जोकि किसी रिसोर्स/सर्विस को ऑन करता है वह इसको मैनेज करने का चार्ज लेता है | ये प्रोसेस दुसरे प्रोसेसेज से रिक्वेस्ट को प्राप्त करता है जोकि रिसोर्स/सर्विस को प्रयोग में लाना चाहते है | ऑन व मैनेज करने वाल रिसोर्स सर्वर रिसोर्स कहलता है क्योकि ये रिसोर्स को प्रयोग में लेन की रिक्वेस्ट की सर्विस प्रदान करता है | दुसरे प्रोसेस जोकि सर्वर को रिक्वेस्ट सर्विस सर्वर को भेजते है, क्लाइंट प्रोसेस कहलाते है | Computers जो क्लाइंट प्रोसेस रन करते है, क्लाइंट Computers कहलाते है | किसी एक समय में एक से ज्यादा क्लाइंट Computers एक सर्वर कंप्यूटर को सर्विस रिक्वेस्ट्स भेज सकते है | किसी क्लाइंट सर्वर कम्यूटिंग वातावरण में एक कंप्यूटर किसी दुसरे कंप्यूटर के लिए सर्वर हो सकता है तो किसी तीसरे कंप्यूटर के लिए वाही Computer क्लाइंट भी हो सकता है | ये वर्तमान इवेंट में किसी कंप्यूटर के रोल पर निर्भर करता है |

सुपर कंप्यूटर Super Computer (CCC Study Material in Hindi 2018-2019

ये कंप्यूटर आकर में विराट और गति में मेनफ्रेम Computers से भी सेकड़ो-हजारो गुना तेज होते है | इनमे समान्तर प्रोसेसिंग (parallel processing) की क्षमता होती है, जिसमे कोई गणना अलग-अलग चरणों में करने के बजाए इस प्रकार एक साथ की जाती है की जल्दी पूर्ण हो जाए | ये ऐसे कार्यो में प्रयोग किये जाते है, जिनमे लम्बी-लम्बी और जटिल गणनाएँ करनी पडती है, जैसे मौसम अनुमान, अन्तरिक्ष यान, उपग्रह प्रक्षेपण, मिसाइल निर्माण, परमाणु विस्फोट आदि | इनकी कीमत कई करोड़ रूपये होती है | सुपर कंप्यूटर बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के नाम है-क्रे रिसर्च (CRAY Research), आईटीए सिस्टम्स (ITA Systems), हिताची (Hitachi), एनईसी (NEC) आदि | इनके द्वारा बनाए गये कुछ प्रमुख सुपर कंप्यूटर CRAY-1, CRAY-2, CRAY X-MP, CRAY-3 I.T.A. आदि है | भारत में भी परम 1000 तथा CRAY-XMP-14 नामक पूर्णत: स्वदेशी सुपर कंप्यूटर बनाए गये है |

Supercomputer

CCC Supercomputer Study Material in Hindi

CCC Supercomputer Study Material in Hindi

सुपर Computers की मुख्य विशेषताएँ निम्न प्रकार है

(i) ये कंप्यूटर आकर में बहुत बड़े होते है और इनकी प्रोसेसिंग स्पीड अधिक होती है | (ii) ये दुनिया में सबसे महँगे और खर्चीले कंप्यूटर है | (iii) ये कंप्यूटर विराट वैज्ञानिक गणनाएँ करने में समर्थ है | (iv) इन Computers द्वारा एक सेकेण्ड में 10 से 100 अर्ब गणनाएँ की जा सकती है | (v) इन पर एक साथ हजारो उपयोगकर्ता कायर कर सकते है |

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