Select Page

NIELIT CCC Basic DOS Commands Study Material in Hindi

  NIELIT CCC Basic DOS Commands Study Material in Hindi:- नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का NIELIT (DOEACC) CCC Study Material, CCC Study Material in Hindi की इस पोस्ट में जिसमे आज आप सीखने जा रहे है Basic DOS Commands के CCC Study Material (CCC Question Answer, CCC Question Answer in Hindi) and CCC True False जिसकी सहायता से आप CCC (Course on Computer Concept) Online Exam Paper को आराम से पास कर सकते है | इसके आलावा जिस अभ्यर्थियो को CCC Study Material in English या CCC Study Material PDF Download में पढ़ना है तो वो अभ्यर्थी सबसे निचे दिए गये Link पर जाकर Click करे |

Introduction (CCC Study Material)

जैसे कि आप जानते हैं कि कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर जो भागों में विभाजित होते हैं। प्रथम भाग में, समस्त सिस्टम सॉफ्वेयर आते हैं और दितीय भाग में, समस्त ऐप्लकेशन सॉफ्टवेयर आते हैं। डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम सॉफ्टवेयर के अन्तर्गत आते हैं। वर्तमान समय में मुख्यतया दो डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम प्रचलित हैं (i) माइक्सॉफ्ट डिस्क ऑपरेटिग सिस्टम, (ii) पर्सनल कम्प्यूटर डिस्क ऑपरेटिग सिस्टम । माइक्रोप्ट डिस्क ऑपरेटिग सिस्टम  MS – DOS के नाम से प्रचलित है और पर्सनल कम्प्यूटर डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम PC- DOS के नाम से प्रचलित है। दोनदं प्रकार के DOS एकसमान ही कार्य करते हैं, लेकिन दोनों को बनाने वाली कम्पनियाँ अलग- अलग हैं। DOS कम्प्यूटर को दिए जाने वाले ऐसे निर्देशो का समूह है जो कम्प्यूटर को कार्य करने की स्थति मे लाता है। कम्प्यूटर में सूचनाओं का आदान- प्रदान DOS के कारण ही सम्भव होता है। DOS कम्प्यूटर के माइक्रोप्रोसेसर को नियन्त्रित करता है और कार्य करने के नर्देशो देता है। यदि हमें कम्प्यूटर में प्रोसोसिंग रके लिए डाट (data) भेजना है तो हम उसे किसी डिस्क में स्टोर करके भेज सकते हैं, चाहे वह फ्यॉपी डिस्क हो अथवा हार्ड डिस्क। इसी प्रकार, हम जब भी कोई सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर के CPU में भेजते हैं तो उसे भी डिस्क द्वारा ही भज सकते हैं। DOS के द्वारा ही कम्प्यूटर फ्लॉपी डिस्क और हार्ड डिस्क को प्रयोग कर सकता है। इसी कारण इसे Disk Operating System कहते हैं। यह कम्प्यूटर और मनुष्य के मध्य एक interpreter का कार्य करता है। वर्तमाव समय में DOS के अत्यन्त आधुनिक संस्करण (Versions) उपलब्ध हैं जिनकी सहायता से हम कम्प्यटर का प्रयोग अत्यन्त सरलतापूर्वक कर सकते हैं। DOS  के 3.0 संस्करण का प्रयोग अपने समय में बहुत किया गया, धीरे – धिरे DOS का विकास होता गया और 3.0 के पश्चात् 3.20, 3.30, 4.0, 4.01, 5.0 6.0, 6.02 और 6.22 संस्करण प्रयोग में आए। DOS का 6.22संस्करण सबसे अन्तिम संस्करण था। इसके बाद में DOS विंडोज 95/98/ Me बण्डल का भाग बन गया। DOS की कमाण्ड्स के द्वारा भिन्न- भिन्न कार्य किये जा सकते हैं। हम DOS की कमाण्ड्स के द्वारा फाइल और डिस्क पर मनचाहे मैनीपुलेशन कर सकते हैं। डॉस कमाण्ड्स को दो भागों में बाँटा जा सकता है। ये प्रकार निम्नलिखित हैं चित्र 1. DOS Commands
CCC DOS Commands Study Material in Hindi

CCC DOS Commands Study Material in Hindi

  1. इंटर्नल कमाण्ड
  2. 2. एक्सटर्नल
इंटर्नल कमाण्ड्स को चलाने के लिए कम्प्यूटर में अन्य किन्हीं सिस्टम फाइल्स की आवश्यकता नहीं होती। एक्सटर्नल कमाण्ड्स को चलाने के लिए कम्प्यूटर में सम्बन्धित सिस्टम फाइल्स की आवश्यकता होती है।

डॉस और विंडोज के बीच तुलना  Comparison between DOS and Windows (CCC Study Material in Hindi)

डॉस के बारे में About DOS डॉस एक कैरेक्टर यूजर इंटरफेस है। संक्षेप में इसे CUI/CLI से रेफर किया जाता है। डॉस का सारा कार्य केवल की – बोर्ड के द्वारा किया जा सकता है। डॉस का आविष्कार एप्पल ने वर्ष 1979 मे किया। बाद में इसके समस्त अधिकार माक्रोसॉफ्ट ने खरीदे। माइक्रोसॉफ्ट ने वर्ष 1981 में इसे MS- DOS के नाम से रिलीज किया। डॉस ने वर्ष 1981 से 1995 के बीच IBM- PC आधारित माइक्रोकम्प्यूटर्स के बाजार पर ऑपरेटिंग सिस्टम के पुप में पूर्ण रुप से प्रभुत्व स्थापित किया। डॉस आंशिक रुप से विंडोज 95, 98, मिलेनियम व XP के साथ भी महत्वपूण रुप से स्थापित रहा। डॉस के अन्य महत्वपूर्ण संस्करण DR- DOS, free DOS, ROM – DOS व PTS – DOS भी हैं। डास सएक टेकस्ट कमाण्ड्स आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है। डॉस को चलाने के लिए यूजर को कमाण्ड्स के बारे में जानकारी होनी चाहिए डॉस कमाणड्स को डॉस प्रॉम्प्ट्स के आगे टाइप कर एंटर की को दबाया जाता है। डॉस कमाण्ड्स के द्वारा फोल्डर मैनीपुलेशन किया जा सकता है व फाइल के साथ भी अनेक प्रकार के कार्य किये जा सकते हैं। डॉस और विंडोज केर बीच अन्त Difference between DOS and Windows डॉस और विंडोज की तुलना निम्न प्रकार से की जा सकती है।

टेबल 3.1 डॉस और विंडोज की तुलना  (DOEACC CCC Study Material)

  डॉस (DOS) विंडोज (Windows
1. डॉस एक कैरेक्टर यूजर इंटरफेस है जोकि वर्ष 1981 से 1995 के मध्य मुख्य रुप से प्रयोग मे रहा विंडोज एक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस है जोकि वर्ष 1995 के बाद में एक ऑपरेटिंग सिस्टम के पुप में उभरा।
2. डॉस CLI (कमाण्ड लाइन इंटरफेस) के प्रयोग के द्वारा समस्त कार्य निष्पादित होता है। विंडोज GUI (ग्राफिकल यूजर इंटरफेस) के द्वारा ग्राफ्क्स, इमेज और टेक्स्ट का प्रयोग कार्य के निष्पादन के लिए करती है।
3. इनपुट प्रदान करने का तरीका टेक्स्ट है। माउस के द्वारा इनपुट प्रदान किया जाता है।
4. डॉस के द्वारा एक समय में बहुत- से प्रोसेस रन नही कराये जा सकते। विंडोज एक मल्टीटास्कग ऑपरेटिंग सिस्टम है जसके द्वारा बहुत- से प्रसेस एक समय में रन कराये जा सकते हैं।
5. यह 2 GB तक का स्टोरेज स्पेस उपलब्ध करा सकता है। यह TB तक का स्टोरेज स्पेस उपलब्ध करा सकती है।
6. डॉस का बूटिंग- अप सिस्टम CUP पर कम डिमाण्डिंग है। विंडोज का बूटिंग – अप सिस्टम CPU पर ज्यादा डिमाण्डिंग है।
7. डॉस का फाइल मेनेजमेंट सरल है व इसमें सिस्टम के स्लो – डाउल व क्रेश होने का खतरा कम है। विंडोज का फाइल मैनेजमेंट जटिल है व इसमें सिस्टम के स्लो – डाउन व क्रेश होने का खतरा अधिक है।
8. यह प्रोटोटाइपिंग, टेस्टिग और ऑटोमेटेड सिस्टम्स को बनान के लिए आदर्श है। यह सामान्य यूजर के कार्यो के लिए आदर्श है।
9. डॉस फ्री है। विंडोज कीमती है।
10. डॉस का प्रयोग आजकल (विंडोज XP के बाद वाले Oss  मे ) केवल डॉसबॉक्स के द्वारा सम्भव है। इसे प्रत्यक्ष रुप से हटाया जा चुका है। विंडोज का प्रयोग अभी भी मुख्य ऑपरेटिग सिस्टम के तैर पर होता है।

More CCC Study Material Question Answer in English and Hindi

NIELIT DOEACC CCC Study Material Question Answer Paper Syllabus in Hindi

Follow me at social plate Form