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CCC Representation of Data Information Concepts Data Processing Study Material in Hindi

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1. सुचना और डाटा की परिभाषा Definition of Information and Data

डाटा सामन्यत: वह फैक्ट होता है जिसे किसी प्रोसेस की आवश्यकता होती है | डाटा को प्रोसेस के द्वारा उपयोगी सुचना में बदला जाता है | सुचना वह फैक्ट रखती है जोकि किसी एण्ड यूजर द्वारा सीधे प्रयोग में लाये जा सकते है | कोई सुचना डाटा के रूप में अगले किसी प्रोसेस द्वारा भी प्रयोग में आ सकती है | उदाहरण के लिए माना आपने एक परीक्षा में 100 में से 70 मार्क्स पाए | अत: मार्क्स का प्रतिशत होगा 70 | यह मार्क्स का फिजिकल कॉन्सेप्ट (physical concept) है | डाटा का लॉजिकल कॉन्सेप्ट (logical concept) ये है की क्या ये मार्क्स की प्रतिशत एक इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए प्रयाप्त है | अत: एक ही क्वालिटी या फैक्ट के दो अलग-अलग फ्लू होते है | एक फिजिकल पहलू जिसका अर्थ है डाटा आइटम का मूल्य और दूसरा लॉजिकल पहलू, जो फिजिकल डाटा का रिजल्ट होता है |

2. बेसिक डाटा टाइप्स Basic Data Types (CCC Study Material Notes in Hindi)

बेसिक डाटा टाइप्स दो तरह के डाटा होते है जिनके नाम है इन्टिजर (integer) और फ्लोटिंग पॉइंट (floating point) इन दो तरह के डाटा से हम और भी दो प्रकार कैरेक्टर (character) और डबल प्रिसिजन (double precision) प्रिसिजन का अर्थ है नंबर में कितनी डिजिट्स का प्रयोग किया जायेगा) के डाटा निकाल सकते है | यदि आप कई डिजिट्स वाले एक नंबर को स्टोर करना चाहेंगे जैसे 2.1234543, एक फ्लोटिंग पॉइंट वैरिएबल की तह केवल 6 डिजिट 2.123454 ही रखी जाएँगी | एक कंप्यूटर की मेमोरी में इस तरह के प्रत्येक डाटा के लिए जितनी बाइट्स (bytes) ओक्युपाई (ocupy) की जाती है और उन्हें जो नाम दिए जाते है | निचे दिए गये चित्र में इन डाटा को दर्शाया गया है जिस तरह वो एक कंप्यूटर की मेमोरी में दिखेगी |

Basic Data Types

CCC Basic Data Types Study Material in Hindi

CCC Basic Data Types Study Material in Hindi

डाटा/सुचना को फाइल्स के रूप में स्टोर करना Storage of Data/Information as Files (CCC Sample Paper in Hindi)

एक डाटा फाइल वह कंप्यूटर फाइल होती है जोकि एक कंप्यूटर एप्लीकेशन या सिस्टम के द्वारा प्रयोग किये गये डाटा को स्टोर करती है | ये उन फाइलों को समाहित नही करती है जो किसी इंस्ट्रक्शन या प्रोग्राम को रखती हो (सामान्यत: ऐसी फाइल्स प्रोग्राम फाइल्स कहलाती है) डाटा फाइल किसी सॉफ्टवेयर प्रोग्राम द्वारा प्रयोग की गयी इनपुट या आउटपुट डाटा/इन्फोर्मेशन को रखती है | ये तब सहायक होती है जब हम किसी प्रोग्राम को डिबग करते है | ज्यादातर कंप्यूटर प्रोग्राम फाइल के साथ कार्य करते है | इसका कारण यह है की फाइल्स इन्फोर्मेशन को स्थायी रूप से स्टोर करती है | डाटाबेस प्रोग्राम इन्फोर्मेशन की फाइल्स बनाते है | कम्पाइलर्स वे प्रोग्राम होते है जो किसी हाई लेवल लैंग्वेज के प्रोग्राम को मशीनी भाषा में बदलते है | एक फाइल बाइट्स का समूह होती है जोकि किसी स्टोरेज डिवाइस; जैसे-टेप, मैग्नेटिक डिस्क, ऑप्टिकल डिस्क आदि पर स्टोर होती है | संक्षेप में हम कह सकते है डाटा फाइल्स वे फाइल्स होती है जोकि किसी विशिष्ट एप्लीकेशन से सम्बन्धित डाटा को बाद  प्रयोग के लिए स्टोर करती है |

डाटा फाइल्स दो प्रकार से स्टोर हो सकती है

1. टेक्स्ट फाइल्स 2. बाइनरी फाइल्स

डाटा को विभिन्न स्टोरेज डिवाइसेज में स्टोर करना Storage of Data in Different Storage Device (CCC Study Material)

डाटा को फ्लॉपी डिस्क, हार्डडिस्क, मैग्नेटिक टेप या CD-ROM में स्टोर किया जाता है | जब डाटा अधिक वॉल्यूम (volume) में होता है, जिसे सीरियली ऐक्सेस (serially access) और प्रोसेस करने की आवश्यकता होती है, तो मैग्नेटिक टेप काफी लोकप्रिय स्टोरेज माध्यम होते है | टेप एक प्लास्टिक रिबन होता है जो आमतौर पर 1/2 इंच चौड़ा होता है, जो एक तरफ से आयरन ओक्साइड मैटिरियल से कोटेड (coated) होता है, जिसे मैगनेटाइजड (magnetized) किया जा सकता है | टेप रिबन को 50 से 2400 फिट तक की रिल्स में स्टोर किया जाता है | यह टेप रिकॉर्डर पर इस्तेमाल होने वाली टेप की तरह ही होती है, बस फर्क इतना होता है की यह बेहतर क्वालिटी की होती है और अधिक मजबूत होती है | मैग्नेटिक टेप को मिटाया और बार-बार इस्तेमाल किया जा सक्ता है | फ्लोपी डिस्क, हार्ड डिस्क और CD-ROM पर स्टोर किया गया डाटा सीधे ऐक्सेस किया जा सकता है | इसलिए ये स्टोरेज डिवाइसेस, मैग्नेटिक टेप जिसमे डाटा एक सीरियल ऑर्डर में रखा जाता है, की अपेक्षा तेज होती है | अत: एक मैग्नेटिक टेप इस तरह के डाटा को रिकॉर्ड करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जो प्रत्येक डाटा आइटम पर प्रोसेसिंग के लिए आवश्यक होता है जैसे एम्प्लोयीज की पे कैलकुलेशन्स (Pay Calculation of Employees)

हार्ड डिस्क Hard Disk (DOEACC CCC Important Study Material 2018 2019

इसे फिक्स्ड डिस्क भी कहा जाता है | ये कई आकारों और क्षमताओ में मिलती है, लेकिन इनकी बनावट तथा कार्यपद्धति लगभग एक ही होती है | कोई हार्ड डिस्क एक ही धुरी पर लगी हुई कई वृत्ताकार चुम्बकीय चिह्न बनाए जाते है | सबसे उपुरी और सबसे निचे की डिस्क की बहरी सतहों को छोड़कर अन्य सभी सतहों पर डाटा स्टोर किया जाता है | ऐसी प्रत्येक सतह के लिए एक अलग रीड-राइट हैड होता है, जो आगे-पीछे सरक सकता है | एक साधारण हार्ड डिस्क की संरचना में दर्शायी गयी है |

Hard Disk Structure

CCC Hard Disk Structure Study Material in Hindi

CCC Hard Disk Structure Study Material in Hindi

किसी हार्ड डिस्क में डिस्को को तेज गति से घुमाया जाता है | इनके घुमने की गति 3,600 चक्कर प्रति मिनट (rotations per minute) से 7,200 चक्कर प्रति मिनट तक होती है | रीड-राइट हैड और डिस्क की सतह के बीच लगभग 0.064 इंच का अंतर होता है | सभी डिस्के एकसाथ घुमती है और सभी रीड-राइट हैड एक साथ आगे पीछे सरकते है, परन्तु डाटा लिखने और पढ़ने के लिए एक समय में केवल एक ही रीड-राइट हैड को चुना जाता है | इस प्रकार विभिन्न रीड-राइट हैडो को चुनते हुए किसी भी सतह के किसी भी सेक्टर से डाटा पढ़ा या उस पर लिखा जा सकता है | आधुनिक हार्ड डिस्को की क्षमता 200 गीगाबाइट तक होती है | पर्सनल Computers के लिए विशेष प्रकार की हार्ड डिस्क भी उपलब्ध है, जिन्हें विंचेस्टर डिस्क (winchester disk) कहा जाता है | इनकी क्षमता 20 गीगाबाइट से 80 गीगाबाइट तक होती है | हार्ड डिस्क सूचनाओ को स्थायी रूप से स्टोर करने का बहुत विश्वसनीय माध्यम है और इनके उपयोग करने की गति भी पर्याप्त होती है | लेकिन ये धुल आदि के प्रति बहुत संवेदनशील होती है, जिसके कार्न इनको एक डिब्बे में स्थायी रूप से बंद रखा जाता है और सिस्टम यूनिट के भीतर लगा दिया जाता है | चित्र में दर्शाया गया है |

Winchester Disk Drive (CCC Study Material Notes in Hindi)

CCC Winchester Disk Drive Study Material Notes

CCC Winchester Disk Drive Study Material Notes

कॉम्पेक्ट डिस्क CD (CCC Sample Paper Notes Model Paper Study Material)

यह एक ऑप्टिकल रीड ओनली मेमोरी (ROM) है डिस्क एक रेजिन (resin) से बनी होती है; जैसे-पोलीकार्बोनेट (poly carbonate) | अह एक ऐसे मैटिरियल से कोटेड होता है जो इसकी रिफ्लेक्टिंग प्रोपर्टी को बदल देगा जब इसे पर हाई इंटेंसिटी की लेजर बीम डाली जायेगी | कोटिंग मैटिरियल बहुत ही रिफ्लेक्टिंग होता है और आमतौर पर यह एलुमिनियम होता है | हाई इंटेंसिटी की लेजर बीम एक ट्रेस (race) इ किनारे छोटा पिट (pit) बनाती है जो ‘1’ को रिप्रेजेन्ट करता है और जो सतह बिना पिंट (pit) इ होती है उसे ‘land’ कहा जाता है वह ‘O’ को रिप्रेजेन्ट करती है | चित्र में दिखाया गया है | डाटा को पढ़ने के लिए एक लेजर बीम को काम पर लगाया जाता है | कुछ केसेज (cases) में अलग लेजर बीम्स लगाई जाती है: एक पढ़ने के लिए और एक लिखने के रिफ्लेक्ट की गयी लेजर लाइट, एक फोटो डायोड (photo diode) द्वारा सेंस (sense) ई जाती है ताकि डाटा को पढ़ सके | लेजर रिफ्लेकटेड लाइट की इन्टेसीटी बदलती है जिअसे ही इसके रास्ते में कोई पिट आता है | एक पिट लाइट को फैला देता है ताकि डायोड कम रिफलेक्टेड लाइट में होने वाला यह परिवर्तन, डाटा को पढ़ने के उद्देश्य से सेंस किया जाता हैऔर फिर इसे इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स (electrical signals) में बदला जाता है | ऑप्टिकल डिस्कस दो तरह की होती है, इनके नाम : कॉम्पैक्ट डिस्कस (CDs) या CD-ROMs और WORM (write once and read many) डिस्कस |

Compact Disk CD (CCC Study Material in Hindi Notes)

CCC Compact Disk CD Study Material in Hindi

CCC Compact Disk CD Study Material in Hindi

CD-ROM रैंडम डाटा रिट्रीवल प्रदान करते है और इनमे 40 वर्षो से अधिक की शेल्फ लाइफ (shelf life) होती है | CD-ROM करीब 700 MB डाटा स्टोर कर सकती है, (करीब 800 फ्लोपिज) जो इसे व्यापक परिणाम में डाटा स्टोर करने, उच्च क्षमता के सॉफ्टवेयर जैसे इलेक्ट्रोनिक रेफरेंस बुक्स, बिजनेस और मनोरंजन सॉफ्टवेयर स्टोर करने के लिए उत्कृष्ट माध्यम बनाता है | नोट : CD-ROM पेपर के उपर इम्पुर्व्मेंट (improvement) है और इसमें बड़े डॉक्यूमेंट और सूचनाएँ आसानी से सर्च (search) और रिट्रीव (retrieve) की जा सकती है |

मेमोरी कार्ड Memory Card (CCC Study Material)

मेमोरी कार्ड या फ्लैश कार्ड एक इलेक्ट्रोनिक फ्लैश मेमोरी डाटा स्टोरेज डिवाइस है जोकि डिजिटल इन्फोर्मेशन को स्टोर करने के लिए प्रयुक्त होता है | ये बहुत-सी इलेक्ट्रोनिक वीडियो गेम कन्सोल्स आदि | इनमे से ज्यादातर छोटे, रि-रिकॉर्डबल होते है व पावर के बिना इनसे डाटा को प्राप्त किया जा सकता है | चूँकि प्रत्यके मेमोरी कार्ड फ्लैश मेमोरी तकनीक पराधारित होता है, जिसमे बहुत ही छोटा फॉर्म फैक्टर होता है और यह नॉन वोलाटाइल और सॉलिड स्टेट होता है जिससे फ्लैश मेमोरी कार्ड्स बहुत ही ज्यादा समय तक चलने वाले और हार्ड डिस्क ड्राइव्स की अपेक्षा अधिक विश्वसनीय होते है | मेमोरी कार्ड्स कई अलग अलग निर्माताओ द्वारा बनाए जाते है और ये अलग अलग स्टोरेज क्षमता एवं ट्रांसफर स्पीड में पाए जाते है | मेमोरी कार्ड्स भी कई प्रकार के होते है जो आप इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेज में इस्तेमाल कर सकते है |

स्मार्ट मिडिया कार्ड Smart Media Card (DOEACC CCC Study Material)

स्मार्ट मिडिया कार्ड, फ्लैश मेमोरी मार्केट में पहली चुनौती के रूप में आया है | Olympus और Fuji ने संयुक्त रूप से इसकी खोज की है | स्मार्ट मिडिया कार्ड बहुत ही कॉमन टाइप का डिजिटल कैमरा स्टोरेज मिडिया है चित्र में दर्शाया गया है |

Smart Media Card

CCC Smart Media Card Study Material

CCC Smart Media Card Study Material

सिक्योर डिजिटल कार्ड CD Card (CCC Study Material Notes)

सिक्योर डिजिटल कार्ड मूलतः द्वितीय पीढ़ी का मल्टीमीडिया कार्ड है | ये फिजिकल रूप से बिलकुल MMC की तरह दीखते है लेकिन SD कार्ड में एक अतरिक्त लोकिंग स्विच होता है | (चित्र में दर्शाया गया है) यह लोकिंग स्विच स्टोरेज कार्ड से डाटा को पढ़ने, लिखने या डिलीट करने से बचाता है | एक SD कार्ड डिवाइस MMC को पढ़ और लिख सकती है | लेकिन SD कार्ड में डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (DRM) क्षमता होती है जो MMC में उपलब्ध नही है | SD कार्ड्स दो तरह के होते है | 1. मिनी SD मेमोरी कार्ड Mini SD Memory Card SD कार्ड की सफलता के बाद, मिनी SD मेमोरी कार्ड को मोबाइल फ़ोन मार्केट की मांगो कप पूरा करने के लिए विकसित किया गया | मिनी SD कार्ड भी, SD कार्ड की तरह ही सभी सुविधाएँ प्रदान करता है, लेकिन यह मूल SD कार्ड की अपेक्षा छोटा होता है | यह कार्ड मूलरूप से मोबाइल फोन्स एवं सूक्ष्म इलेक्ट्रोनिक्स में इस्तेमाल के लिए ही बनाया गया था, जैसे MP3 प्लेयर्स | 2. माइक्रो SD मेमोरी कार्ड Micro SD Memory Card माइक्रो SD कार्ड मिनी SD कार्ड से भी छोटा होता है | माइक्रो SD कार्ड को सेल्युलर फोन्स और छोटी मोबाइल डिवाइसेज में इस्तेमाल करने के लिए डिजाईन किया गया है | माइक्रो SD कार्ड को एक एडैप्टर के द्वारा SD कार्ड स्लॉट में एक्सेस किया जा सकता है | माइक्रो SD फोर्मेट आजकल 8GB तक की क्षमता में उपलब्ध है और ये SD कार्ड की साइज़ का करीब 1/4 होता है जो की 15MM से लेकर ०.7 MM तक होते हिया |

SD Card

CCC SD Card Study Material

CCC SD Card Study Material

पोर्टेबल हार्ड ड्राइव Portable Hard Drive (CCC Model Paper in Hindi)

पोर्टेबल हार्ड ड्राइव बहुत ही कम समय में लोइप्रिय हो गया है | पोर्टेबल हार्ड ड्राइव का प्रयोग सामान्यता से कंप्यूटर के बाहरी पार्ट से कनेक्ट की जा सकती है | पोर्टेबल हार्ड ड्राइव के लोकप्रिय होने के निम्नलिखित कारण है
  • पोर्टेबल हार्ड ड्राइव को किसी बाहरी पावर सोर्स की आवश्यकता नही होती है |
  • ये बहुत छोटी है जिससे इसे आसानी से कही भी ले जाया जा सकता है |
  • इसकी सहायता से बहुत से PCs में फाइल शेयर की जा सकती है |
  • ये फाइल्स का शेड्यूल्ड ऑटोमेटिक बैकअप ले सकती है |
  • ये आसानी से और तेजी से डाटा को स्टोर कर सकती है |
लैपटॉप्स के लिए, PC कार्ड स्लॉट का प्रयोग एक केबल को फुल साइज़ ड्राइव से कनेक्ट करने के लिए होता है, या हार्ड डिस्क पूरी तरह से PC कार्ड के भीतर होती है (चित्र में दर्शाया गया है) | मार्केट में उपलब्ध पोर्टेबल साइज़ है-320 GB, 500 GB और 1 Terabyte | यह यूजर को महत्त्वपूर्ण सुचना को बैकअप या स्टोर करने में मदद करता है जो की मेन इंटरनल हार्ड ड्राइव से अलग रखी जाती है, जिनके ऑनलाइन या ऑफलाइन गतिविधियों से नष्ट होने का खतरा रहता है | म्यूजिक फाइल्स, DVD इमेजेस, मूवीज, डिस्क इमेजेस और आपकी मेन इंटरनल हार्ड ड्राइव के कन्टेन्ट का बैकअप जैसे सभी डॉक्यूमेंट सुरक्षात्मक तरीके से और सावधानीपूर्वक इस बाहरी यवा एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव में रखे जा सकते है |

Portable Hard Drive

CCC Portable Hard Drive Study Material in Hindi

CCC Portable Hard Drive Study Material in Hindi

डाटा प्रोसेसिंग के कॉन्सेप्ट्स Concepts of Data Processing (CCC Question Answer Paper in Hindi)

डाटा स्वयं में इतना उपयोगी नही होता है | जितना इन्फोर्मेशन डाटा को प्रोसेस के द्वारा उपयोगी इन्फोर्मेशन में बदला जाता है | इस प्रक्रिया को डाटा प्रोसेसिंग कहा जाता है | संक्षेप में कहा जा सकता है की इनपुट डाटा को उपयोगी आउटपुट इन्फोर्मेशन बदलने की प्रक्रिया डाटा प्रोसेसिंग है | डाटा प्रोसेसिंग मे डाटा को ओर्गेंनाइज व मैनिपुलेट किया जा सकता है | डाटा कई प्रकार का हो सकता है, जैसे सेल्स डाटा, ऑब्टेनड मार्क्स डाटा, सेलरी डाटा आदि | डाटा प्रोसेसिंग में ऑपरेशन्स या एक्श्न्स की सीरिज हो सकती है | डाटा प्रोसेसिंग में निम्न स्टेप्स होते है
  • डाटा को कैप्चर करना
  • डाटा को स्टोर करना
  • डाटा और अन्य उपयोगी सुचना को अपडेट (update) और रिट्रीव (retrieve) करना
नोट :- रॉ फैक्ट्स को उपयोगी सुचना में बदलने के लिए किया जाने वाला मैन्पुलेशन डाटा प्रोसेसिंग कहलाता है | डाटा प्रोसेसिंग मैनुअल या इलेक्ट्रोनिक दोनों तरीको से की जा सकती है |

बिजनेस डाटा प्रोसेसिंग के बेसिक कार्य Basic Tasks in Business Data Processing (CCC Study Material in Hindi)

बिजनेस डाटा प्रोसेसिंग के द्वारा रॉ फैक्ट्स को इलेक्ट्रोनिक मशीन्स के द्वारा मैनिपुलेट किया जाता है | इसका मुख्य उदेश्य तेज गति से प्रोसेसिंग करते हुए आउटपुट को प्राप्त करना है | इसमें कई कार्यो का सामान्यकरण करने का प्रयास किया जाता है ताकि कोई तैयार किया गया बिजनेस फंक्शन एक से अधिक कार्यो को निष्पादित कर सके | कभी-कभी डाटा प्रोसेसिंग कार्य का एक भाग, मैनुअल तरीको के प्रयोग से किया जाता है | उदाहरण के लिए एक क्लास टीचर मार्क्स की लिस्ट को हाथो से तैयार करती है और इसे आगे कंप्यूटर से प्रोसेसिंग के लिए भेज देती है ताकि स्टूडेंट्स को ग्रेड्स और क्लास में मेरिट पोजीशन अवार्ड की जा सके | बाद वाला भाग तेज और अधिक सही होता है जब यह एक इलेक्ट्रोनिक मशीन जैसे एक डिजिटल कंप्यूटर पर किया जाता है | एक बिजनेस डाटा प्रोसेसिंग साइकिल में तिन बेसिक स्टेप्स होते है (चित्र में दर्शाया गया है) |

Basic Data Processing Cycle

CCC Basic Data Processing Cycle Study Material in Hindi

CCC Basic Data Processing Cycle Study Material in Hindi

1. इनपुट साइकिल Input Cycle इस फेज में एक स्टोरेज माध्यम पर जो एक प्रोसेसिंग मशीन में एंट्री के लिए सबसे अधिक उपयुक्त होती है, किसी भी सुविधाजनक रूप में, डाटा तैयार किये जाते है | उदाहरण के लिए एक मैनुअल सिस्टम में, हम डाटा को एक पेपर की शीट पर एक टेबुलर फॉर्म में ही शायद लिखना पसंद करेंगे, जैसे एक क्लास के स्टूडेंट्स की मार्कशीट | हम ऐसा करते है क्योकि टेबुलर फॉर्म में लिखे गये मार्क्स को पढ़ना बहुत सुविधाजनक होता है | इलेक्ट्रोनिक डाटा प्रोसेसिंग मशीन्स में हम डाटा को एक फ्लॉपी डिस्क, एक जिप डिस्क या एक कॉम्पैक्ट डिस्क (CD) पर स्टोर कर सकते है | 2. प्रोसेसिंग साइकिल Processing Cycle इस साइकिल में, हम इनपुट किये गये डाटा को, निर्देशों के साइकिल में, एक क्लास टीचर, अलग-अलग सब्जेक्ट में प्रत्येक स्टूडेंट्स द्वारा प्राप्त किये गये मार्क्स को ऐड करता है | इसके बाद टीचर इस एडिशन को अधिकतम मार्क्स से डिवाइड करता है जिससे मार्क्स की परसेंटेज सिस्टम में, ये एक्श्न्स, निर्देशों की एक सीरिज, जिन्हें प्रोग्राम कहा जाता है, के साथ ऑटोमैटिक रूप से होते जाते है | यह प्रोग्राम कंप्यूटर में स्टोर होते है | प्रोग्राम या निर्देशों के सेट द्वारा जैसा कहा जाता है कंप्यूटर बिलकुल वैसा ही काम करते है | 3. आउटपुट साइकिल या आउटपुट को मैनेज करना Output Cycle or Managing Output एक बार जब डाटा प्रोसेस हो जाते है, तब रिजल्ट्स को उस रूप में बाहर लाया जाता है, जिस रूप में यूजर चाहते है और जो सबसे उपयुक्त होता है | इसे ही आउटपुट साइकिल कहा जाता है | उदाहरण के लिए, मार्क्स प्रोसेसिंग के केस में, प्रत्येक स्टूडेंट के प्रत्येक सब्जेक्ट के मार्क्स ट्रांसफर किये जाते है ताकि रिपोर्ट कार्ड्स प्रिंट हो सके | पास/फेल के बारे में रिमार्क्स भी इस रिपोर्ट पर मेरिट और ग्रेड्स के साथ रिकॉर्ड किये गये होते है | यह कार्य एक क्लास टीचर द्वारा एक मैनुअल डाटा प्रोसेसिंग सिस्टम में और एक कंप्यूटर द्वारा एक इलेक्ट्रोनिक डाटा प्रोसेसिंग सिस्टम में प्रिंटर द्वारा किया जाता है |

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