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CCC Introduction to Windows Study Material in Hindi

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प्रस्तावना Introduction (DOEACC CCC Study Material in Hindi)

विंडोज एक सॉफ्टवेयर है जिसके द्वारा यूजर किसी कार्य को कंप्यूटर के द्वारा निष्पादित कर सकता है | विंडोज सॉफ्टवेयर का एक विशिष्ट टाइप है जिसे ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है | ऑपरेटिंग सिस्टम को जैसा की हम पिछले अध्याय में पढ़ चुके है, सिस्टम सॉफ्टवेयर से निरुपित किया जाता है | ऑपरेटिंग सिस्टम का विंडोज GUI आधारित टाइप है | माइक्रोसोफ्ट ने वर्ष 1983 में विंडोज के विकास की घोषणा की | विंडोज के अब तक कई संस्करण रिलीज किये जा चुके है जिनमे विंडोज 1.0,2.0, 2.1, 3.0, 3.1, NT 3.1, 95, 98, 2000/ME,XP, 7 व 8 है | विंडोज का सबसे लेटेस्ट संस्करण वर्ष 2012 में रिलीज हुआ था और यह बहुत कम समय में ख्याति प्राप्त कर चूका है | विंडोज में चलाये जाने वाले प्रोग्राम्स आइकन्स के रूप में स्क्रीन पर स्थित होते है | माउस के द्वारा इनको डबल क्लिक करने पर एक्जिक्यूट (चलाया) किया जा सकता है |

ऑपरेटिंग सिस्टम और विंडोज के बेसिक्स Operating System and Basics of Windows (CCC Study Material Model Sample Paper in Hindi)

एक ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर सिस्टम का वह सॉफ्टवेयर कॉम्पोनेन्ट होता है जो कंप्यूटर के रिसोर्सेस की शेयरिंग व विभिन्न एक्टिविटीज के प्रबंध और को-ओर्डिनेशन के लिए रेस्पोंसेब्ल होता है | ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम सॉफ्टवेयर का एक प्रकार है | ऑपरेटिंग सिस्टम एऐप्लिकेशन प्रोग्राम के लिए होस्ट की तरह होता है |ऐसे प्रोग्राम मशीन पर रन होते है | ऑपरेटिंग सिस्टम इसके अतिरिक्त यूजर के कंप्यूटर को कण्ट्रोल करने के तरीको को नियंत्रित करता है | ऑपरेटिंग सिस्टम को एक होस्ट के रूप में हार्डवेयर के ऑपरेशन्स की डिटेल्स की हैंडिल करना भी होता है | हार्डवेयर के कार्य; जैसे-इनपुट/आउटपुट और मेमोरी स्पेस एप्लीकेशन में ऑपरेटिंग सिस्टम, कंप्यूटर हार्डवेयर और एप्लीकेशन प्रोग्राम्स के बीच मध्यस्थ का कम करते है | ज्ब्द्की, एप्लीकेशन प्रोग्राम्स आमतौर पर सीधे हार्डवेयर द्वार ही एक्जिक्यूट किये जाते है | ऑपरेटिंग सिस्टम एपलाइड कंप्यूटर प्साइंस (applied computer science) मे एक पढ़ाई का विषय भी है | कोम्पुएर के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम का कार्य मुख्यतः सिस्टम के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर रिसोर्सेज को मैनेज करना है | डेस्कटॉप (desktops) या लैपटॉप्स (laptops) के हार्डवेयर रिसोर्सेज में प्रोसेसेज (processes), हार्डडिस्क (hard disk), मेमोरी (memory), डिस्कस्पेस (disk space), माउस (mouse) प्रिंटर्स (printers), अन्य पेरीफेरल्स (peripherals) आदि शामिल होते है, जबकि सॉफ्टवेयर रिसोर्सेज में उस डेस्कटॉप/लैपटॉप पर इस्तेमाल किये जाने वाले विभिन्न सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन आते है | ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशनस के लिए एक कंसिस्टेंट इंटरफेस (consistent interface) प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है जो इस्तेमाल की जाने वाली हार्डवेयर या पेरीफेरल्स से स्वतन्त्र होता है | इस उद्देश्य के लिए हो सकता है की ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ साथ अलग ड्राइवर्स (drivers) भी इस्तेमाल किये जाएँ | माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, पर्सनल कंप्यूटर के लिए माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसति ऑपरेटिंग सिस्टम है | माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स तथा पोल एलेन है | विश्व के लगभग 90% पर्सनल कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोग हो रहा है | यह ग्राफिकल यूजर (GUI), इंटरफेस, मल्टीटास्किंग, वर्चुअल मेमोरी की सुविधा देता है | माइक्रोसॉफ्ट विंडोज का प्रथम स्वतन्त्र संस्करण 1.0, 20 नवम्बर 1985 में आया, जिसे इंटरफेस मैनेजर के नाम से जाना जाता था | परन्तु माइक्रोसॉफ्ट के मार्केटिंग प्रमुख रोलैण्ड हैन्सन (Rowland Hanson) ने विंडोज नाम का सुझाव दिया, जो उपभोक्ताओ को ज्यादा आकर्षक लगा | विंडोज 1.0 पूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम नही था, यह MS-DOS का सुधरा रूप था, जिसमे MS-DOS की कमियों को सुधारने की कोशिश की गयी थी | माइक्रोसॉफ्ट का दूसरा संस्करण 2.0 9 दिसम्बर, 1987 में आया, जो विंडोज 1.0 से थोडा ज्यादा लोकप्रिय हुआ, जिसका कार्न तरह इस संस्करण में एक्सेल, वर्ड तथा नये ग्राफिकल अनुप्रयोग का होना | जब एल्ड्स पेजमेकर (Aldus PageMaker) विंडोज स्न्सक्रम में आया, उस समय माइक्रोसॉफ्ट विंडोज काफी लोकप्रिय हुआ | जो केवल मैकिंटोस (macintosh) सिस्टम पर चलता था | विंडोज की सफलता की शुरुआत थी | इसके बाद इसके बहुत सारे संस्करण आए जैसे-2.0x, 2.03x 3.0 इत्यादि | विंडोज 3.0 वर्ष 1999 में आया जो अत्यधिक सफल हुआ | इस संस्करण में मल्टीटास्किंग तथा वर्चुअल मेमोरी का परिचय दिया इसके बाद विंडोज अत्याधिक लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम हो गया | जिसके लगातार नए संस्करण आते गये जो आज तक लोकप्रिय है जैसे- विंडोज 95-वर्ष 1995 विंडोज 98- 1998 विंडोज ME(Millennium)-वर्ष 2000 विंडोज XP-वर्ष 2004 विंडोज Vista-वर्ष 2007 विंडोज 7-वर्ष 2009 विंडोज 8-वर्ष 2012 विंडोज XP व विंडोज 7 का प्रयोग आजकल बहुतायत से Computers में होता है |विंडोज एक GUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसमे माउस का प्रयोग कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शनस देने में होता है | प्रोग्राम्स कंप्यूटर की स्क्रीन पर आइकन्स के रूप में होता है व माउस के द्वारा क्लिक/डबल क्लिक करने पर इनको ओपन किया जा सकता है | कंप्यूटर की स्क्रीन को डेस्कटॉप कहा जाता है |

ऑपरेटिंग सिस्टमक्या है What is an Operating System (CCC Study Material Question Answer Paper in Hindi)

एक ऑपरेटिंग सिस्टम (OS), एक सॉफ्टवेयर है जो कंप्यूटर हार्डवेयर की इंटरनल गतिविधियों को कण्ट्रोल करता है और यूजर इंटरफेस (user interface) प्रदान करता है | यही पहला प्रोग्राम होता है जो कंप्यूटर के स्विच ऑन होने के बाद कंप्यूटर की मेमोरी में लोड (कॉपी) किया जाता है | लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम्स है-विंडोज XP, विंडोज विस्टा, विंडोज 7, विंडोज 8, OS/2 और यूनिक्स (Unix) IBM मेनफ्रेम कंप्यूटर MVS, VM या DOS/VSE ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रोयग करते है | ऑपरेटिंग सिस्टम एप्लीकेशन प्रोग्राम्स को हार्डवेयर के द्वारा किये गये ऑपरेशन्स के कार्यो की डिटेल को मैनेज करने से रिलीव करता है और इस प्रकार एप्लीकेशन प्रोग्राम्स की संरचना अधिक जटिल नही होती | ऑपरेटिंग सिस्टम का महत्त्वपूर्ण होना इस बात से निश्चित होता है की प्रत्येक कंप्यूटर किसी-न-किसी ऑपरेटिंग सिस्टम को अवश्य प्रयोग में लाता है | जो ऑपरेटिंग सिस्टम एक बार में एक ही यूजर को सपोर्ट करता है, सिंगल यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाता है; जैसे विंडोज XP | कुछ OS जैसे लाइनक्स, यूनिक्स आदि, एक बार में मल्टीपल Users को सपोर्ट करते है | एक ऑपरेटिंग सिस्टम निम्न सभी कार्य करता है-
  • प्रोसेसर को मैनेज करना OS प्रोसेसर्स को (यदि कंप्यूटर के पास से अधिक प्रोसेसर होते है) अलग-अलग कार्य असाइन (assign) करते है जो कंप्यूटर सिस्टम द्वारा किया जाना आवश्यक है |
  • मेमोरी को मैनेज करना यह (OS) सिस्टम पोरोग्रम्स, यूजर प्रोग्राम्स और डाटा को मेन मेमोरी और सेकेंड्री मेमोरी ऐलोकेट करता है |
  • इनपुट/आउटपुट को मैनेज करना यह इनपुट/आउटपुट मैनेजमेंट का कार्य करता है और विभिन्न इनपुट/आउटपुट डिवाइसेज (devices) को असाइन और को-ऑर्डिनेट (coordinate) करता है |
  • फाइल को मैनेज करना यह फाइल्स को विभिन्न स्टोरेज डिवाइसेज पर मैनेज करता है और इन फाइल्स को एक स्टोरेज डिवाइस से दूसरी में ट्रांसफर करता है | यह टेक्स्ट एडिटर्स (text editors) या किसी अन्य फाइल मैनिपुलेशन सॉफ्टवेयर पैकेजेस की मदद से सभी फाइलों को आसानी से बदलने और मॉडिफाई किये जाने की अनुती देता है |
  • सिक्योरिटी मैनेज करना यह डाटा सिक्योरिटी और इनटेग्रिटी को स्थापित करता है | अर्थात यह अलग-अलग प्रोग्राम्स और डाटा को इस तरीके से रखता है जिससे ये एक-दुसरे के बीच दखलअंदाजी न कर सके | इसके अलावा, यह गलत यूजर द्वारा डाटा को नष्ट किये जाने से भी बचाता है |
  • शैड्युलिंग शेयरिंग करना यह जॉब प्रायोरिटी (job priority को स्थापित करता है और उसे लागू भी करता है | अर्थात यह कंप्यूटर सिस्टम में जॉब्स या कार्य किस क्रम में एक्जिक्यूट किये जाने है, उसे निर्धारित करता है और मेन्टेन भी करता है
  • टाइम शेयरिंग करना यह यह कम्पाइलर्स (compilers), असेम्ब्लर्स (assemblers), यूटिलिटी प्रोग्राम्स (utility programs) और अन्य सॉफ्टवेयर पैकेजेज को, कंप्यूटर सिस्टम पर काम करने वाले अलग-अलग users के लिए असाइन और को-ऑर्डिनेट करता है |
  • यह कंप्यूटर सिस्टम और कंप्यूटर ऑपरेटर (मानव) के बीच कम्युनिकेशन को आसन बनाता है |
  • यह डंप्स (dumps), ट्रेजेस (traces) ऐरर मैसेज (error massages), अन्य डिबगिंग (debugging) और एरर डिटेक्टिंग (error detecting) कोड्स भी प्रस्तुत करता है |
  • यह इंटरनल क्लॉक (internal clock) को मेन्टेन करता है और अन्य यूजर्स के लिए सिस्टम उजेज के लोग (log) को भी मेन्टेन करता है |

एक ऑपरेटिंग सिस्टम के मुख्य कार्यो को संक्षेप में निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है

  • रिसोर्स मैनेजमेंट (प्रोसेसर मैनेजमेंट, मेमोरी मैनेजमेंट, डिवाइस मैनेजमेंट)
  • प्रोसेस मैनेजमेंट (जॉब शेड्यूलिंग, टास्क मैनेजमेंट)
  • सिक्योरिटी मैनेजमेंट
  • डाटा मैनेजमेंट (फाइल मैनेजमेंट और इनपुट/आउटपुट मैनेजमेंट)

नोट : कुछ लोकप्रिय OS है-MS-DOS, विंडोज XP, विस्टा, विंडोज 7, विंडोज 8, यूनिक्स, लाइनक्स, सोलारिस और OS/2 |

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार Types of Operating  System (NIELIT CCC Study Material in Hindi)

ऑपरेटिंग सिस्टम अपनी प्रकृति और कंप्यूटर में उपलब्ध साधनों के अनुसार कई प्रकार के होते है | ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्यतः आठ श्रेणियों में बाँटा गया है
  1. एकल उपयोगकर्ता (Single User)
  2. मल्टीप्रोग्रामिंग (Multiprogramming)
  3. मल्टीटास्किंग (Multitasking)
  4. मल्टीप्रोसेसिंग (Multiprocessing)
  5. इंटरेक्टिव (Interactive)
  6. टाइम शेयरिंग (Time Sharing)
  7. डिस्ट्रीब्यूड (Real Time)

एकल उपयोगकर्ता Single User (CCC Study Material Question With Answer)

प्रारम्भिक Computers पर एक बार में केवल एक उपयोगकर्ता का केवल एक कार्य (या प्रोग्राम) कराया जाता था | उनका ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत सरल और छोटा होता था | उस ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा घेरे जाने वाले भाग से बची हुई साड़ी मेमोरी एक प्रोग्राम के लिए उपलब्ध होती थी | उस प्रोग्राम के पूरा हो जाने पर मेमोरी से उसे निकालकर दूसरा प्रोग्राम लिया जा सकता था | इसमें सबसे बड़ी कमी यह थी की ज्यादातर समय या तो सीपीयू या इनपुट-आउटपुट के उपकरण खाली रहते थे | यदि कोई प्रोग्राम किसी समय इनपुट-आउटपुट का कार्य कर रहा है, तो सीपीयू खाली रहता था और यदि सीपीयू में गणनाएँ चल रही है, तो इनपुट-आउटपुट के साधन बेकार रहते थे | इस कमी को कुछ हद तक पूरा करने के लिए एकसाथ कई कार्यो को एक बैच या बंडल के रूप में कंप्यूटर को दिया जाने लगा | इससे जैसे ही एक प्रोग्राम पूरा होता था, दूसरा प्रोग्राम आने के लिए तैयार मिलता था | साथ ही जब तक पहले प्रोग्राम का आउटपुट  छापा जा रहा होता था, तब तक दुसरे प्रोग्राम पर कार्य शुरू हो जाता था | ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम को बैच ऑपरेटिंग सिस्टम कहा गया | इससे कंप्यूटर की कार्यक्षमता में लगभग 50% की वृद्धि हो गयी | आजकल के छोटे कंप्यूटर (या माइक्रोप्रोसेसर) भी बैच प्रोसेसिंग (batch processing) की तरह ही कार्य करते है, यधापी उनका स्वरूप कुछ बदल गया है | इनके ऑपरेटिंग सिस्टम कैरेक्टर यूजर इंटरफेस (character user interface या CUI) पर आधारित होते है | इसका अर्थ है की वे अपने इनपुट उपकरण (अर्थात टर्मिनल) पर अपना आदेश टाइप करते है और उसे कंप्यूटर को भेज देते है | कंप्यूटर उसका पालन करके उसका परिणाम भी तत्काल टर्मिनल के मोनिटर पर दिखा देता है | कुछ समय पहले तक प्रचलित और लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम एमएस-डॉस (MS-DOS) एक ऐसा ही ऑपरेटिंग सिस्टम है |

मल्टीप्रोग्रामिंग Multi programming (CCC Study Material Question Paper in Hindi)

Batch Operating System में Job Batches को Memory में process करने के लिए Store किया जाता है | लेकिन जब कोई Job Input/Output Operation करती है तो CPU को उस वक्त खली रहना पड़ता है जिससे System की Performance Degrade हो जाती है | Multiprogramming CPU Utilization को बढ़ाने के लिए jobs को इस तरह Organize करती है की CPU को हमेशा एक Job Execute करनी होती है | यह jobs के बीच switching करके सम्भव होता है | Multiprogramming में एक से ज्यादा jobs Memory में स्थित होती है अत: Memory का Utilization हो जाता है | CPU एक Job लेता है और उसे Execute करना शुरू आकर देता है | जब Job को Input/Output Operation करना होता है तो CPU खाली नही होता बल्कि अगली Job को Pick कर लेता है और उसकी इंस्ट्रक्शन को एक्सीक्यूट करना शुरू कर देता है | इस प्रकार एक CUP Demand में रहता है और पूरा Utilize हो जाता है |

मल्टीटास्किंग Multitasking (CCC Important Study Material in Hindi)

Multitasking में दो या अधिक प्रोग्राम्स को एक ही कंप्यूटर के Central Processor से एक User के द्वारा एक साथ एक्सीक्यूट किया जा सकता है | उदाहरण के लिए जैसे आप अपने कंप्यूटर पर एक Program के द्वारा Report लिख सकते है जबकि दुसरे प्रोग्राम के द्वारा Music की CD चला सकते है | Operating System को Multitasking करने के लिए प्रत्येक Program की Instruction को Time बाँटकर एक्सीक्यूट करना होता है, जबकि प्रोसेसर एक समय में एक ही Instruction Execute करता है | माना एक कंप्यूटर N Programs को Multitasking में एक्सीक्यूट कर रहा है तो इसको Implement करने के लिए Processing Cycle यदि Total Time T लेती है तो वह प्रत्येक Program को चित्र में दर्शाया गया है उसके अनुसार Execution Time देगी | Multitasking को Support करने वाले कुछ प्रमुख Operating System है: जैसे-Windows, OS/2 etc.

मल्टीप्रोसेसिंग Multiprocessing (CCC Question Paper Notes in Hindi)

Multiprocessing में दो या अधिक Computers/Processor एक साथ संग्लन होकर कार्य को Simultaneously एवं Same Time में करने के लिए Processing करते है | एक बार में ही Different Programs से Instructions या Same Program से Different Instructions को प्रोसेस कर सकते है | Multiprocessing दो प्रकार से हो सकती है Co-Processing और Parallel Processing. Co-processing में Controlling CPU एक Specialized Microprocessor (Co-processor) के साथ काम करता है | इस Co-Processor में प्रत्येक प्रोसेसर को एक Particular Task Assign किया जाता है; जैसे- Display-Screen Graphics को Greate करना या High Speed Mathematical Calculations को Perform करना | बहुत से Micro-Computer Systems में Co-processing Capabilities होती है | Parallel Processing में कुछ Full Fledged Processors कुछ कार्यो पर Memory को Store करते हुए एकसाथ काम करते है | Parallel Processing प्राय: बड़े Computer Systems में प्रयोग में लायी जाती है, ताकि यदि कोई CPU Fail होता है तो Running बाधित न हो |

इंटरएक्टिव Interactive (CCC Previous Year Online Test Study Material in Hindi)

ये ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कैरेक्टर यूजर इंटरफेस (Character user Interface या CUI) अथवा ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (Graphical User Interface या GUI) पर आधारित होते है | इन्मने उपयोगकर्ता के आदेश का तत्काल पालन किया जाता है और उसका परिणाम या आउटपुट भी तत्काल दिखा दिया जाता है | इन दोनों प्रकार के इंटरफेसेज में मुख्य अंतर यह होता है की कैरेक्टर यूजर इंटरफेस में सभी आदेश चिह्नों या शब्दों के रूप में टाइप करके दिए जाते है, जबकि ग्राफिकल यूजर इंटरफेस में मोनिटर के पर्दे पर बने हुए किसी विशेष चित्र या स्थान पर क्लिक करके आदेश दिए जाते है | एमएस-डॉस (MS-DOS) पहले प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम है और विंडोज (windows) दुसरे प्रकार का ऑपरेटिंग सिस्टम है | कैरेक्टर यूजर इंटरफेस आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए की-बोर्ड की आवश्यकता होती है, जबकि ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) आधिरत ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए की-बोर्ड के साथ ही एक Pointing Device; जैसे-माउस की आवश्यकता होती है | कार्य करने की द्रष्टि से GUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम अदिक सुविधाजनक है | यही कार्न है की अब CUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम्स का उपयोग लगभग समाप्त हो गया है और GUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम सभी जगह प्रचलित है | लाइनक्स भी ऐसा ही ऑपरेटिंग सिस्टम है |

टाइम शेयरिंग Time Sharing (DOEACC CCC Study Material Question Model Paper in Hindi)

टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम को कहा जाता है जो एकसाथ अनेक उपयोगकर्ताओ को कंप्यूटर की सेवाएँ उपलब्ध कराते है | ऐसी स्थिति में प्रत्येक उपयोगकर्ता के पास कंप्यूटर के साथ संवाद या सम्पर्क करने के लिए इनपुट-आउटपुट का एक अलग साधन होता है | इन साधनों को टर्मिनल (terminal) कहा जाता है | उपयोगकर्ता अपने टर्मिनल में लगे कुंजीपटल (key-board) की सहायता से अपने आदेश या प्रोग्राम कंप्यूटर को दे सकता है और उनके परिणाम या संदेश टर्मिनल के पर्दे या मोनिटर पर देख सकता है | टाइम शेयरिंग का मूल सिद्धांत यह है की इसमें सीपीयू के समय का एक निश्चित भाग बारी-बारी से सभी उपयोगकर्ताओ के प्रोग्राम्स को बाँटा जाता है | अपने आवंटित समय में प्रत्येक प्रोग्राम का सीपीयू पर पूरा अधिकार रहता है | दुसरे प्रोग्राम इस समय खली या स्थगित रहते है | लेकिन कंप्यूटर की गीत इतनी अधिक तेज होती है की प्रत्यक उपयोगकर्ता को यही लगता है की कंप्यूटर केवल उसका ही काम कर रहा है | टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम में मेमोरी के प्रबन्धन की विशेष तकनीके अपनाई जाती है, जिससे की प्रत्येक उपयोगकर्ता का कार्य स्वतन्त्र रूप से किया जा सके और उसकी सूचनाओ को पूरी सुरक्षा प्राप्त हो |

रियल टाइम Real Time (CCC Sample Paper Study material in Hindi)

रियल टाइम प्रोसेसिंग ऐसे सिस्टम्स को कहा जाता है, जहाँ इनपुट डाटा को प्राप्त करते ही उसको तत्काल प्रोसेस कर दिया जाता है और तत्काल ही उसका आउटपुट दे दिया जाता है | इसके साथ ही उससे सम्बन्धित समस्त डाटा को उसी समय सुधार दिया जाता है, ताकि प्रत्येक फाइल नवीनतम स्थिति को प्राप्त करे | यह बैच प्रोसेसिंग के विपरीत होता है, जहाँ इनपुट को एक बैच के रूप में लिया जाता है और उस बैच को प्रोसेस करके ही अगले बैच का इनपुट स्वीकार किया जाता है | रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम मुल्त: ऑनलाइन (Online) सिस्टम होते है, जबकि बैच प्रोसेसिंग सिस्टम प्राय: ऑफलाइन (Offline) होते है | रियल टाइम सिस्टम की सफलता के लिए उनकी गति अत्यधिक तेज होना आवश्यक है, ताकि उपयोगकर्ता उसके इनपुट का आउटपुट तत्काल ही उपलब्ध कराया जा सके | प्रत्येक ऑनलाइन सिस्टम को रियल टाइम नही कहा जा सकता | रियल टीम सिस्टम्स का उपयोग प्राय: ऐसे कार्यो में किया जाता है, जहाँ फाइल्स को प्रत्येक इनपुट के बाद तत्काल सुधारा जाना आवश्यक है, ताकि नवीनतम स्थिति का पता चलता रहे | उदाहरण के लिए, रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम एक रियल टाइम सिस्टम है, क्योकि एक यात्री के लिए आरक्षण करते ही फाइल्स को तत्काल सुधार दिया जाता है,तो उसे डिस्ट्रीब्यूट कम्प्यूटिंग (distributed computing) कहा जाता है | इसे विकेंद्रीकरण (decentralized) और समानंतर प्रोसेसिंग (distributed computing) भी कहा जाता है | जो ऑपरेटिंग सिस्टम इसे सम्भव बनाते है | अर्थात सुविधा देते है, उन्हें डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम कहा जाता है |

विंडोज के बेसिक्स Basics of Windows (CCC Study Material With Question Answer)

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट द्वारा निर्मित सॉफ्टवेयर ऑपरेटिंग सिस्टम और ग्राफिकल यूजर इंटरफेस की श्रंखला है | माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ने ग्राफिकल यूजर इंटरफेस में बढ़ती रूचि (GUIs) को देखते हुए नवम्बर, 19.85 में MS-DOS में जोड़ने के लिए एक ऑपरेटिंग प्रोग्राम पेश किया था | वर्ष 1995 में विंडोज को एक ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह पेश किया गया | माइक्रोसॉफ्ट विंडोज एक ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में आते ही दुनिया के निजी कंप्यूटर बाजार पर हावी हो गये और इसने इससे पहले बाजार में आये माइक-ओएस को बहुत पीछे छोड़ दिया | 2004 के IDC दिशा सम्मेलन में, यह बात सामने आई की ग्राहक ऑपरेटिंग सिस्टम बाजार का लगभग 90% विंडोज के पास था | विंडोज का सबसे हाल का ग्राहक संस्करण विडोज 8 है और सबसे हाल का सर्वर संस्करण विंडोज सर्वर 2008 R2 है | बिल गेट्स ने विंडोज के विकास में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है | विंडोज का शाब्दिक अर्थ होता है खिड़कियाँ | विंडोज का उपयोग लगभग सभी व्यक्तिगत Computers में होता है | विंडोज GIU नाम के सॉफ्टवेयर की श्रेणी के अंतर्गत आता है | GUI का अर्थ है ग्राफिकल यूजर इंटरफेस | यूजर इंटरफेस यह निर्धारित करते है की आप अपने कंप्यूटर के साथ किस तरह से इंटरैकट (interact) करते है | इंटरफेस के हार्डवेयर वाले भाग में स्क्रीन पर एक जैसी दिखती है और कैसे आप अपने पीसी को कमांड्स देते है ताकि आपका कार्य हो जाये | विंडोज से पहले यह कार्य की-बोर्ड कमांड्स से होता था और इसलिए ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करना काफ्फी कठिन लगता था | विंडोज वातावरण के अविष्कार के साथ बहुत सरे कंप्यूटर के दैनिक कार्य; जैसे-प्रोग्राम्स चलाना, फाइल्स खोलना, कमांड्स चुनना आदि, एक ग्राफिकल अप्रोच (graphical approach) द्वारा किये जाते है जो कंप्यूटर के नये Users के लिए काफी इंटयूटीव (intuitive) होते है | इसके अलावा विंडोज प्रोग्राम्स, कमांड स्ट्रकचर और ग्राफिकल आइटम्स स्क्रीन पर इस्तेमाल करते है | अत: यदि आपने एक विंडोज प्रोग्राम में महारत हासिल कर ली, तो दुसरे प्रोग्राम्स को सीखना बहुत आसन हो जाएगा |

विंडोज के विभिन्न संस्करण Various Versions of Windows (CCC Important Study Material in Hindi)

निम्नलिखित सारणी में विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के अब तक के प्रमुख संस्करनो और उनमे शामिल की गयी नई मुख्य विशेषताओ को बताया गया है |
संस्करण का नाम जारी होने का वर्ष मुख्य विशेषताएँ
विंडोज 1.0 1985 GUI आधारित विंडोज का प्रथम संस्करण, आवश्यकता पड़ने पर मल्टीटास्किंग
विंडोज 2.0 1987 एक विंडो पर दूसरी विंडो (Overlapping Windows)
विंडोज 2.1 1988 आभासी मशीने (Virtual Machines)
विंडोज 3.0 1990 प्रोग्राम मैनेजर/फाइल मैनेजर सुविधा
विंडोज 3.1 1992 मल्टीमिडिया क्षमता, नेटवर्क क्षमता, माइक्रोसॉफ्ट मेल
विंडोज NT 3.1 1993 32 बिट नेटवर्किंग, 32 बिट फाइल सिस्टम
विंडोज 95 1995 पूर्ण 32 बिट ऑपरेटिंग सिस्टम, मल्टीटास्किंग, नेटवर्क क्षमताएँ, लम्बे फाइल नाम, विस्तारण की सुविधा
विंडोज 98 1998 इन्टरनेट पर कार्य करने की विशेष सुविधाएँ
विंडोज 2000 नेटवर्क बनाने की विशेष सुविधाएँ
2000/ME
विंडोज XP 2001 नेटवर्किंग के साथ अन्य विशेष सुविधाएँ
विंडोज 7 2009 नेट्वर्किंग और टूल बार, Menu बार की सुविधाएँ
विंडोज 8 2012 यूजर के अनुभव के लिए चिपसेट और विशेष सुविधाएँ

विंडोज की विशेषताएँ Features of Windows (CCC Study material Notes)

विंडोज अनेक विशेताओ से भरा हुआ ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिनके कार्न यह दुनिया भर में सबसे अधिक प्रचलित है | इसकी कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित है विंडोज XP तथा इसका पूर्ववर्ती संस्करण विंडोज 98 विशेषताओ से भरे हुए ऑपरेटिंग सिस्टम है | इनमे अधिकांश प्रचलित पीसी ऑपरेटिंग सिस्टमो की श्रेष्ठ विशेषताओ को शामिल किया गया है | इनके अलावा इसमें बहुत-सी ऐसी विशेषताए भी है, जो दुसरे ऑपरेटिंग सिस्टम में उपलब्ध नही है | विंडोज के पिछले संस्करण (versions) की विशेषताओ में भी सुधार किया गया है | यहाँ कुछ चुनी हुई विशेषताओ के बारे में बताया गया है- सुधरा हुआ इंटरफेस विंडोज XP प्रयोग करने में कहीं अधिक सरल है | इनमे टास्क बार ततः स्टार्ट बटन शामिल किये गये है, जिनकी सहायता से आप कोई भी प्रोग्राम कभी भी चला सकते है, फाइले या दस्तावेज ढूंढ सकते है तथा उपलब्ध सुविधाओ का प्रयोग कर सकते है | प्रोग्राम्स के बीच में किसी दुसरे प्रोग्राम में जाना ऐसे ही है जिसे आप टी.वी पर चैनल बदलते है | पिछले संस्करण के विपरीत विंडोज 98 में माउस के दोनों बटनों का पूरा प्रयोग किया जाता है | लम्बे फाइल नाम विंडोज XP में फाइलो के नाम 255 चिह्नों तक हो सकते है, जिनके बीच में रिक्त स्थान (space) भी शामिल हो सकते है, लेकिन विशेष चिह्न जैसे \, ?,:,;,*<,> था | आदि शामिल नही किये जा सकते, यदि विंडोज 98 द्वारा बनाई गयी फाइलो क प्रयोग ऐसे दुसरे Computers या साधनों द्वारा किया जाता है | जो लम्बे फाइल नामो की सुविधा नही देते, तो यह अपने आप ही उन नामो को 8.3 के सुविधाजनक रूप में बदल देते है अर्थात प्रारम्भिक नाम 8 अक्षरों का हो जाता है और Extension Name 3 अक्षर का | विंडोज एक्सप्लोरर पूर्व संस्करनो के प्रोग्राम मैनेजर तथा फाइल मैनेजर प्रोग्राम्स की जगह विंडोज 95/98 में विंडोज एक्स्प्लोरर एक शक्तिशाली प्रोग्राम है, जो आपकी फाइलो, ड्राइवो तथा नेटवर्क सम्बन्धी की देखभाल एवं व्यवस्था करता है | यधापी विंडोज XP में विंडोज एक्स्प्लोरर उपलब्ध है | उसमे इसके बदले My Computer से भी कार्य लिया जा सकता है | 32-बिट पूर्ण मल्टीटास्किंग विंडोज सभी 32-बिट प्रोग्रामो के लिए पूर्ण मल्टीटास्किंग (preemptive multitasking) का उपयोग करता है जिससे उपयोगकर्ता अपने कई प्रोग्रामो को एकसाथ और ज्यादा सरलता से चला सकता है तथा कम समय में अधिक अकरी कर सकता है | विंडोज 3.1 में सहकारी मल्टीटास्किंग (CO-operative multitasking) का प्रोयग किया जाता है जिसमे एक प्रोग्राम द्वारा सीपीयू पर एकाधिकार या कब्जा कर लेने की सम्भावना रहती है | विंडोज 95 तथा बाद के संस्करनो में ऐसी कोई सम्भावना नही है और सभी प्रोग्राम आराम से चलते रहते है | सुधरी हुई खेल तथा मल्टीमिडिया सुविधा विंडोज XP में अधिक तेज वीडियो गेम तथा ध्वनी (sound) फाइलो को चलाने की अच्छी क्षमता है | यहाँ तक की आप एमएस-डॉस आधारित खेल भी खेल सकते है | इससे आप अपने पीसी से अधिक आनन्द ले सकते है | पुराने प्रोग्रामो के साथ अनुरूपता विंडोज XP पुराने एमएस-डॉस तथा 16 बिट विंडोज आधारित प्रोग्राम के अनुरूप है | माना तो यह भी जाता है की 16-बिट विंडोज प्रोग्राम विंडोज XP पर ज्यादा अच्छी तरह चलते है | प्लग एण्ड प्ले हार्डवेयर अनुरूपता यदि आपके पास कोई प्लग और प्ले हार्डवेयर सुविधा है, तो विंडोज XP वाले पीसी में उसे बहुत आसानी से जोड़ सकते है | आपको केवल इतना करना होगा की उसका कार्ड पीसी निर्धारित जगह पर लगा दे तथा पीसी स्टार्ट करे | जैसी ही आप पीसी को ऑन करते है, विंडोज XP नये हार्डवेयर को तुरंत पहचान लेता है अपने आपको उसी के अनुसार बदल लेता है | एकीकृत नेटवर्क सुविधा विंडोज XP निम्नलिखित प्रमुख नेटवर्क विक्रताओ के नेटवर्क को मान्यता देता है माइक्रोसॉफ्ट  (Microsoft) नोवैल (Novell) बैनयान (banyan) सनसॉफ्ट (sunsoft) विंडोज XP में उपलब्ध सुविधाओ द्वारा आप नेटवर्क में उपलब्ध सभी साधनों को साझा कर सकते है | सरल डाक सुविधा विंडोज XP में ई-मेल (E-Mail) तथा फैक्स (fax) सुविधाएँ भी उपलब्ध होती है, जिनकी सहायता से आप अधिक सुविधा से संदेशो का संचार (communication) कर सकते है | बेहतर वेब फीचर्स  विंडोज में अनेक ऐसी विशेषताओ को शामिल किया गया है, जिनसे इन्टरनेट पर कार्य करना सरल हो गया है; जैसे-वेब पीटीओ का टाइप करते-करते आप पूरा कर देना, पहले खोली गयी साइटों का इतिहास याद रखना आदि |

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